हैदराबाद,13 अक्टूबर.  इंग्लैंड के खिलाफ उसकी जमीन पर मिली शर्मनाक पराजय के बाद आलोचनाओं में घिरी महेन्द्र सिंह धोनी की सेना शुक्रवार को जब यहां पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में उतरेगी तो उसका लक्ष्य इंग्लिश टीम से हार का बदला चुकता करना होगा.

भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर एक भी मैच नहीं जीत पायी थी. टेस्ट श्रृंखला में 0-4 से उसका सूपड़ा साफ हो गया था जबकि एकदिवसीय श्रृंखला में उसे 0-3 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी. एकमात्र ट्वंटी.20 मैच में भी भारतीय टीम को जीत नसीब नहीं हुई थी. कई दिग्गज खिलाडिय़ों की अनुपस्थिति में कप्तान धोनी पर युवा तुर्कों के दम पर इंग्लैंड की आत्मविश्वास से लबरेज टीम पर जीत हासिल करनी की बड़ी चुनौती है. अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकरए जहीर खानए युवराज सिंहए वीरेन्द्र सेहवाग तथा मुनाफ पटेल चोट को घायल होने के कारण पहले दो एकदिवसीय में जगह नहीं मिली है. अनुभवी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह को खराब लय के कारण टीम से बाहर किया गया है. इन दिग्गज खिलाडिय़ों की जगह टीम में नए युवा खिलाडिय़ों को शामिल किया गया है जिनके पास घरेलू परिस्थितियों में खुद को साबित करने का अच्छा मौका है. विश्वकप में खिताबी जीत के बाद धोनी की कप्तानी की यह पहली घरेलू श्रृंखला है. उनके लिए इस श्रृंखला में काफी कुछ दांव पर लगा है. धोनी अच्छी तरह जानते हैं कि इस श्रृंखला में हार से उनकी कप्तानी पर भी सवाल खड़े कर सकती है.

भारत को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में अपने सभी तीन एकदिवसीय में हार का सामना करना पड़ा है. इंग्लैंड ने भारत दौरे पर अपने दोनों अभ्यास मैच इसी मैदान पर बड़ी आसानी से हैदराबाद एकादश को हराकर जीते थे. अब भारत की अपेक्षाकृत युवा और अनुभवहीन टीम को इसी मैदान पर इंग्लैंड से पहले एकदिवसीय में लोहा लेना है. इस मैदान पर दक्षिण अफ्रीका ने 16 नवम्बर 2005 को भारत को पांच विकेट सेए ऑस्ट्रेलिया ने पांच अक्टूबर 2007 को 47 रन से और फिर पांच नवम्बर 2009 को भारत को तीन रन से हराया था. पहले दो मैचों में युवराज ने शतक बनाए थे जबकि तीसरे मैच में सचिन के शानदार 175 रन के बावजूद भारत को हार का सामना करना पड़ा था. यह मैदान रनों के मामले में बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग माना जाता है. चैंपियंस लीग के दौरान इसी मैदान पर टीमों ने बड़े स्कोर खड़े किए थे जबकि इंग्लैंड ने दूसरे अभ्यास मैच में यहां पर 367 रन का विशाल स्कोर बनाया था.

ओपनिंग में गौतम गंभीर के साथ पार्थिव पटेल पर टीम को ठोस शुरुआत देने की जिम्मेदारी रहेगी जबकि मध्यक्रम में विराट कोहली, सुरेश रैना, धोनी और रवीन्द्र जडेजा को बड़ी पारियां खेलनी होंगी. विराट ने हाल में संपन्न चैंपियंस लीग में शानदार प्रदर्शन किया था. लेकिन रैना और धोनी अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए थे. गेंदबाजी में केवल प्रवीण कुमार ही ऐसे तेज गेंदबाज हैं जो अंतर्राष्ट्रीय मैचों का अच्छा खासा अनुभव रखते हैं जबकि वरुण आरोन, श्रीनाथ अरविंद, विनय कुमार, उमेश यादव, राहुल शर्मा और रविचंद्रन अश्विन को अभी खुद को साबित करना है. हरभजन की अनुपस्थिति में स्पिन विभाग में राहुल शर्मा या रविचंद्रन अश्विन में से किसी एक को खेलने का मौका मिलेगा. राहुल ने आईपीएल के चौथे संस्करण में शानदार प्रदर्शन किया था जिसकी बदौलत वह भारतीय टीम में जगह पाने में सफल रहे.

जहां तक इंग्लिश टीम का सवाल है तो भारत के खिलाफ घरेलू जमीन पर मिली धमाकेदार जीत से उसके हौसले सातवें आसमान पर हैं. अभ्यास मैचों में गेंदबाजों और बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन से उसका आत्मविश्वास काफी बढ़ चुका है. पहले अभ्यास मैच में गेंदबाजों ने टीम को जीत दिलाई जबकि दूसरे मैच में टीम ने हर विभाग में बेहतरीन प्रदर्शन किया. कप्तान एलिस्टेयर कुक, क्रेग कीसवेटर, केविन पीटरसन, जोनाथन ट्रॉट, रवि बोपारा और जॉनी बेयरस्ट्रो जैसे बल्लेबाजों की मौजूदगी किसी भी विपक्षी टीम के गेंदबाजों में सिहरन पैदा करने के लिए काफी है. भारत की अनुभवहीन गेंदबाजी के सामने ढेरों रन जुटान में इंग्लिश बल्लेबाजों को कोई ज्यादा परेशानी नहीं होनी चाहिए. स्टुअर्ट ब्रॉड और जेम्स एंडरसन जैसे गेंदबाजों की अनुपस्थिति में इंग्लिश टीम की धार थोड़ी कुंद जरूर पड़ गई हैए लेकिन टिम ब्रेसनन और स्टीवन फिन इस कमी को पूरा करने में सक्षम हैं. जेड डर्नबाख और स्टुअर्ट मीकर अभ्यास मैचों में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हैं.

टीमें
भारत: महेन्द्र सिंह धोनी ;कप्तान, गौतम गंभीर, पार्थिव पटेल, अजिंक्या रहाणे, विराट कोहली, सुरेश रैना, मनोज तिवारी, रवीन्द्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, राहुल शर्मा, विनय कुमार, प्रवीण कुमार, वरुण आरोन, श्रीनाथ अरविंद और उमेश यादव.

इंग्लैंड: एलिस्टेयर कुक, कप्तान. क्रेग कीसवेटर. केविन पीटरसन, जोनाथन ट्रॉट, इयान बेल, रवि बोपारा, जॉनी बेयरस्ट्रो, ग्रीम स्वान, स्कॉट बोर्थविक, समित पटेल, टिम ब्रेसनन, स्टीव फिन, क्रिस वोक्स, जेड डर्नबाख और स्टुअर्ट मीकर.

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