भोपाल,15 नवम्बर. लोक सेवा गारंटी अधिनियम की सेवाओं का लाभ आवेदक को तय समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर बालाघाट कलेक्टर विवेक कुमार पोरवाल ने बैहर के खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी और लालबर्रा की तहसीलदार श्रीमती अल्का पर 750-750 रुपये का जुर्माना लगाया है. जुर्माने में हासिल यह राशि हितग्राही को दे भी दी है.

बैहर विकासखण्ड में ग्राम कदला निवासी आदिवासी महिला श्रीमती रजनी बाई को अस्पताल में प्रसव होने के बाद उसे जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत दी जाने वाली 1400 रुपये की राशि का चेक प्रदान नहीं किया गया था. इस पर उसने ग्राम गढ़ी के नागरिक सुविधा केन्द्र में पूरे दस्तावेजों के साथ 1400 रुपये की राशि दिलाने के लिए 18 अक्टूबर, 2011 को आवेदन किया था. लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार रजनी बाई को 15 दिन के भीतर अर्थात 5 नवम्बर, 2011 को 1400 रुपये की राशि का चेक मिल जाना चाहिये था, लेकिन उसे तीन दिन के विलंब से 8 नवम्बर को जननी सुरक्षा योजना की राशि का चेक प्रदान किया गया. इसी तरह लालबर्रा तहसील के ग्राम देवरी निवासी राजेन्द्र डोहरे ने अपना मूल निवासी प्रमाण-पत्र बनवाने के लिये नागरिक सुविधा केन्द्र पर 21 सितम्बर को आवेदन किया था. कानूनी प्रावधान के मुताबिक उन्हें सात दिन में यह प्रमाण-पत्र मिलना था लेकिन वे इसे 45 दिन बाद प्राप्त कर सके. बालाघाट की पहल- लोक सेवा गारंटी अधिनियम में जिन सेवाओं को शामिल किया गया है, उनमें पहले जननी सुरक्षा योजना शामिल नहीं थी, लेकिन बाद में हुए फैसले के तहत बाालाघाट जिले में रजनी बाई एवं अन्य मामलों में कार्रवाई शुरू हो गई है.

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