शहरी फेरी वालों को परिचय पत्र मिलेंगे

भोपाल,31 जनवरी, मध्यप्रदेश के सभी शहरी फेरी वालों को एक जनवरी 2013 तक परिचय पत्र, क्रेडिट कार्ड, अनुदान और रजिस्टर्ड मजदूरों को मिलने वाली सुविधाओं का लाभ मिल जाएगा.

मंगलवार को कैबिनेट ने इस संबंध में बनाई गई मुख्यमंत्री शहरी फेरीवालों के कल्याण की योजना 2012 को मंजूरी दे दी. इसके तहत फेरीवालों को ढाई हजार रुपए अनुदान के अलावा अन्य सुविधाएं भी दी जाना है. कैबिनेट ने जेल, स्वास्थ्य, आयुष, विधि और पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण विभागों में 1712 पद भरने की मंजूरी भी दे दी. कैबिनेट बैठक के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रदेश के सभी निकाय हॉकर्स कॉर्नर बनाएंगे. इसके लिए मॉनीटरिंग कमेटी बनाई जाएंगी. जिनमें निकाय और फेरी वालों के दो दो प्रतिनिधि शामिल होंगे. कलेक्टर प्रभारी मंत्री की सलाह से हॉकर्स कॉर्नर के लिए जगह तय करेंगे.

ये भी हुए फैसले
मप्र पुलिस में सेवानिवृत सैनिकों को विशेष सहयोगी के रूप में पदस्थ करने में अब थल, वायु और नौ सेना के रिटायर्ड कर्मियों को मौका दिया जाएगा. अब तक केवल थल सेना के पूर्व कर्मियों को लिए जाने का प्रावधान था. भिंड, मुरैना जिले भी इस तरह की भर्ती में शामिल किए जाएंगे.

शिवराज मौन व्रत टला

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का 2 फरवरी को होने वाला मौन व्रत टल गया है.सीएम ने आज प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि ऐसा लगता है कांग्रेस भाजपा का अनुसरण कर रही है. भाजपा पदयात्रा निकालती है, कांग्रेस भी निकालने लगती है. भाजपा धरना और मौन विरोध करती है तो कांग्रेस भी करने लगती है.चौहान ने मंगलवार को संवाददाताओं से अनौपचारिक बातचीत में यह टिप्पणी की. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने विशेष अदालत बिल राष्ट्रपति को भेज दिया है इसलिए अब मौन धरने की घोषणा पर अमल नहीं किया जाएगा. चौहान ने पूछने पर बताया कि वे तीन फरवरी को उप्र में तीन चुनावी सभाएं करेंगे. इनमें पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के निर्वाचन क्षेत्र चरखारी की सभा भी शामिल है. क्या है विधेयक में- आय से अधिक संपत्ति रखने के मामलों में लोक सेवकों की संपत्ति राजसात करने के लिए सरकार विशेष न्यायालय में आवेदन दे सकती है. अदालत राजसात संपत्ति अंतिम फैसला होने तक शासन के पास रखने का आदेश दे सकती है. आरोपी लोकसेवक के खिलाफ फैसला आने पर संपत्ति शासन की हो जाएगी ओर बरी होने पर संपत्ति लौटाई जा सकेगी.

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