सीहोर. 24 मई नससे. इन दिनों समर्थन मूल्य की खरीदी सेंटरों पर मारामारी शुरू हो गई है, इस सबके बीच किराए की ट्रैक्टर-ट्रालियों में अपने खून पसीने से सिंचित उपज को लेकर जब किसान सेंटरों पर पहुंचता है तो उसको घंटों नही कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है. गुरुवार को गेहूं की तुलाई को लेकर दो किसान आपस में भिड़ गए.

ई-उपार्जन से की जाने वाली खरीदी किसानों के लिए जी का जंजाल बनी हुई है। गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित खरीदी सेंटर पर गेहूं की ट्राली को लेकर दो किसान आपस में लड़ पड़े। जिसके कारण करीब बीस मिनिट तक खरीदी प्रभावित हो गई। इसके बाद यहां पर मौजूद लोगों ने बीच बचाव करने के मामले का शांत किया. यहां पर मौजूद किसानों का कहना है कि खरीदी सेंटरों पर भेंट पूजा के बाद तुलाई की जा रही है। जो किसान इन सेंटर वालों का खास है या फिर कुछ दे सकता है, उसका गेहूं आसानी से खरीदा जा रहा है। जिसके पास धन का अभाव उसको परेशानियां झेलनी पड़ रही है.

मात्र छह दिन बचे है खरीदी को- इस संबंध में ग्राम धनखेड़ी से आए किसान रमेश ने बताया कि जैसे-तैसे किराए की ट्रैक्टर-ट्राली लेकर वो अपनी उपज मंडी खरीदी सेंटर पर लाया है, लेकिन अभी तक उसका नंबर नही आया है, इस तरह के अनेक किसान भर दोपहरी में भूखे प्यासे अपनी उपज की खरीदी का इंतजार कर रहे है। उसने कहा कि मात्र छह दिन खरीदी के लिए शेष रह गए है, उसको लोगों का कर्ज देना है, आने-जाने के कारण कर्ज में इजाफा हो रहा है। इस तरह के अनेक किसान खरीदी सेंटरों के चक्कर लाने को विवश है. किसानों का कहना है कि पंजीकृत किसानों के स्थान पर फर्जी रूप से खरीदी सेंटरों पर गेहूं की खरीदी की जा रही है.

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