चेन्नई, 5 सितंबर. तमिलनाडु में शिवकाशी के निकट मुदालिपेट्टी में एक पटाखा फैक्टरी में भीषण आग लग जाने से लगभग 33 लोग मर गए हैं, और 70 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं.

मौके पर जोरदार विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं, तथा आग की लपटें और धुआं लगातार इमारत से निकल रहा है. गंभीर रूप से ज़ख्मी लोगों को मदुरै के अस्पताल में भेजा गया है, जबकि साधारण घायलों का शिवकाशी के अस्पताल में ही उपचार किया जा रहा है. घटनास्थल पर फायर ब्रिगेड की 10 गाडिय़ां भेजी गई थीं. माना जा रहा है कि हादसे के वक्त ओम शिवशक्ति क्रैकर्स नामक इस फैक्टरी में लगभग 300 लोग काम कर रहे थे, और फिलहाल इस बात की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है कि कितने लोग बचकर निकल पाए. बताया जा रहा है कि फैक्टरी परिसर में बने सभी 60 कमरे आग से तबाह हो गए हैं, जिनमें से 20 कमरों में पटाखे बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले रसायन रखे जाते थे. आग इतनी भीषण थी कि लगभग 200 फुट की दूरी पर बने अन्य गोदामों को भी उसने अपनी चपेट में ले लिया, और तीन में से दो गोदाम पूरी तरह नष्ट हो गए हैं. आग से कुछ राहगीर भी झुलस गए हैं, जबकि कुछ सिर्फ धुएं की तपिश से घायल हुए.

पहले भी हुए है हादसे

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सिवकासी भारत में पटाखे बनाने के लिए जाना जाता है. देश में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर पटाखे यहीं बनते हैं. आमतौर पर दीवाली से पहले पटाखों से होनेवाली दुर्घटनाओं में बढ़ोत्तरी होती है. ये पहली बार नहीं है जब सिवकासी की किसी पटाखा फैक्ट्री में आग लगी हो. शिवकाशी के अलावा भी कई पटाखा फैक्ट्रियों में आग लगने और लोगों के मारे जाने की घटनाएँ हो चुकी हैं. साल 2008 में राजस्थान के भरतपुर में पटाख़ा फ़ैक्टरी में धमाका हुआ था और कम से कम 26 लोग मारे गए थे. 2008 में ही उड़ीसा में भी पटाखा बनाने वाले एक कारखाने में धमाका हुआ था जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी.

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