सर्वदलीय बैठक के बाद संसद का गतिरोध टूटा, सरकार ने मानी विपक्ष की मांग

नई दिल्ली, 7 दिसंबर. खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को अनुमति देने के सरकार के निर्णय पर संसद में पिछले कई दिनों से जारी गतिरोध बुधवार सुबह की सर्वदलीय बैठक के बाद फिलहाल समाप्त हो गया.

बैठक में प्रस्ताव पारित कर इस बारे में आम सहमति बनने तक इसे स्थगित कर दिया गया है. बैठक से बाहर निकले राजनीतिक दलों के नेताओं ने कहा कि संसद में कामकाज होगा और वे खुदरा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के सरकार के निर्णय को स्थगित किए जाने पर सहमत हैं. दो सप्ताह से बना गतिरोध टूटा-इसके साथ ही संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूआत के दो सप्ताह से बना गतिरोध टूट गया. एफडीआई के मुद्दे पर विपक्ष और सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के घटक तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक के तीखे विरोध के बाद सरकार ने बुधवार सुबह संसद भवन परिसर में सर्वदलीय बैठक में एक पांच पंक्तियों का वक्तव्य वितरित किया जिसमें एफडीआई के मुद्दे पर सरकार के फैसले को आमसहमति बनने तक रोके जाने की जानकारी दी. विदेशी निवेश का फैसला स्थगित-वक्तव्य में कहा गया कि सभी संबद्ध पक्षों के साथ बातचीत कर आम सहमति बनने तक खुदरा व्यापार में 51 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के फैसले को स्थगित किया जाता है. सूत्रों ने बताया कि बैठक में सरकार ने यह संकेत भी दिए कि वह संसद में महंगाई और कालेधन पर भी चर्चा कराने को तैयार है. सूत्रों के मुताबिक बृहस्पतिवार को महंगाई और सोमवार का कालेधन पर चर्चा करायी जा सकती है. विपक्षी दलों एवं कुछ अन्य दलों ने इस पर संतोष जाहिर किया.

संसद में अब तक कोई कामकाज नहीं हुआ

सूत्रों के अनुसार सर्वदलीय बैठक के बाद भारतीय जनता पार्टी के संसदीय पदाधिकारियों की बैठक हुई जिसमें सरकार के रूख पर संतोष व्यक्त करते हुए संसद में सरकार का बयान के आने के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने का निर्णय लिया गया. उल्लेखनीय है कि 22 नवंबर को शुरू हुए संसद के इस सत्र के प्रारंभिक तीन दिन महंगाई, कालेधन एवं तेलंगाना के मुद्दे पर और उसके बाद एफडीआई के मुद्दे पर हंगामे के कारण अब तक कोई कामकाज नहीं हो सका है. इस सत्र में लोकपाल विधेयक सहित 30 विधेयक पारित कराए जाने हैं.

Related Posts: