भोपाल, 9 जुलाई. अटल किसान महापंचायत की तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केन्द्र सरकार ने किसानों को बाजार के रहमो करम पर छोड़ दिया है. किसानों को मिलने वाली केन्द्र सरकार की सबसिडी में लगातार कटौती की है.

मल्टीनेशनल को मूल्य वृद्घि करने के लिए आजाद छोड़ दिया है. ताजा उदाहरण एक बोरी खाद की कीमत 555 रुपये से बढ़ाकर 1272 रुपये कर देना है. 300 प्रतिशत किसानों की रीढ़ को तोड़ देगी. खाद मूल्य वृद्घि के विरोध में केन्द्र सरकार के खिलाफ हमें आक्रमक संगठित का शंखनाद करना है. 15 जुलाई को किसान महापंचायत में हम किसानों की रायशुमारी करके भविष्य की संघर्ष येाजना तय करेंगे. भाजपा केन्द्र सरकार को मूल्य वृद्घि  वापस लेने के लिए विवश करेगी. शिवराज सिंह  चौहान ने कहा कि खाद मूल्य वृद्घि को लेकर एक दिवसीय उपवास के बाद प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर मूल्य वृद्घि का विरोध किया गया. किसान महापंचायत किसानों के आक्रोश का प्रकटीकरण होगी. पंचायत में केन्द्र सरकार से मूल्य वृद्घि वापस लेने और किसानों को क्षतिपूर्ति किये जाने की मांग उठाई जाएगी.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद प्रभात झा ने कहा कि देश में किसाना विरोधी नीतियां आरंभ करके यूपीए सरकार ने किसानों की रीढ़ तोड़ दी है. इन नीतियों से किसानों में हताशा व्याप्त है. पेट्रोल पर मूल्य वृद्घि होती है. तो देश में जनता हायतौबा करने लगती है. लेकिन जब केन्द्र सरकार ने खाद के मूल्य 555 रुपये से बढ़ाकर 1272 रुपये कर दिये तो कहीं भी चू-चपड़ नहीं हुई. मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पाटी सरकार ने पहल की है. मुख्यमंत्री ने मूल्य वृद्घि के विरोध में एक दिन उपवास करके केन्द्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों को देश में विरोध किया.  भाजपा केन्द्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों को देश में विरोध का मुद्दा बनाकर किसानों को राहत पहुंचाने के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी.

15 जुलाई को अटल किसाना महापंचायत में प्रदेश के 2 लाख से अधिक किसान अपना दुख दर्द बयान करेंगे और केन्द्र सरकार के विरोध में संघर्ष की आगामी रुपरेखा तय की जायेगी. प्रभात झा ने प्रदेश पदाधिकारियों, जिला पदाधिकारियों, विधायकों, सांसदों, कोर समिति के सदस्यों और वरिष्ठï कार्यकर्ताओं की बैठक में अटल किसान महापंचायत की जिला स्तर पर की जा रही तैयारियों की समीक्षा की. प्रभात झा ने कहा कि चलो भोपाल, बचाओ चौपाल के  नारे के साथ गांव-गांव मे पहुंचे और किसानेां को महापंचायत में पहुंचने के लिए पीले चावलों के साथ दावत दें.

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