भोपाल 26 अप्रैल. प्रदेश में अवैध वन कटाई और अवैध उत्खनन पर नियंत्रण करने के लिए वन विभाग एक रणनीति तैयार करने जा रहा है.

इस रणनीति के तहत चिन्हित क्षेत्रों में मुखबिर तंत्र को विकसित किया जाएगा. वहीं संवेदनशील क्षेत्रों में तेजतर्रार वन अफसरों की पदस्थापना की जाएगी. वन विभाग में मैदानी अमले की कमी के कारण वन क्षेत्रों में अवैध कटाई और उत्खनन के कई मामले सामने आए हैं. वहीं विभाग का मुखबिर तंत्र कमजोर होने के कारण दूरस्थ और घने जंगलों में होने वाली घटना की जानकारी का पता कई दिनों बाद लगने से इन घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है.

वनों में सक्रिय माफिया पर शिकंजा कसने के लिए वन मुख्यालय एक बार फिर नए सिरे से मुखबिर तंत्र विकसित करने जा रहा है, जिससे दूरस्थ और घने जंगलों में होने वाली अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल मिल सके. इस संबंध में जल्द ही वन मुख्यालय में सीसीएफ स्तर की एक बैठक आयोजित होने जा रही है. बैठक में सबसे अधिक अवैध कटाई और अवैध उत्खनन वाले क्षेत्रों में सक्रिय वन माफिया और उस क्षेत्र में लम्बे समय से पदस्थ फारेस्ट गार्ड से लेकर रेंजर तक के अधिकारियों की भूमिका को लेकर चर्चा की जाएगी. वन कर्मी होंगे पुरस्कृत वन मुख्यालय अब अपने छोटे वन कर्मचारियों का हौसला बढ़ाने के लिए अवैध गतिविधियों की तत्काल सूचना देने और वन क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले ऐसे सभी वन कर्मियों को पुरस्कृत करने की योजना बना रहा है.

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