राजघाट जलाशय से लाभ मिलना शुरू, मत्स्य महासंघ की साधारण सभा में विश्नोई

भोपाल, 29 मार्च. मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश राज्य सीमा पर स्थित राजघाट जलाशय को पांच वर्षों की अवधि पर मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ की मत्स्य.विक्रय पद्धति के तहत दिया गया है. इससे लाभ मिलना भी शुरू हो गया है.

जलाशय से 8 करोड़ 41 लाख रुपये की आय प्राप्त होगी. यह बात महासंघ के अध्यक्ष और मछुआ कल्याण एवं मत्स्य. विकास मंत्री अजय विश्नोई ने कही. वे महासंघ की 15 वीं वार्षिक साधारण सभा को सम्बोधित कर रहे थे. विश्नोई ने कहा कि महासंघ दूसरे राज्यों से कही बेहतर काम कर रहा है. उन्होंने बताया कि पिछले साल एक हजार मछुआ आवास का निर्माण कराया गया था. इस वर्ष दो हजार मछुआ आवास के निर्माण की कोशिश है. उन्होंने बताया कि दुर्घटना बीमा योजना में मछुओं के अतिरिक्त उनके परिवार के पात्र सदस्यों को भी बीमित किया गया है. मछुआरों के बीमा में मध्यप्रदेश भारत में प्रथम स्थान पर रहा. उन्होंने बताया कि मछुओं के बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक बनाने के लिये 8 वीं कक्षा में उच्च श्रेणी में उत्तीर्ण होने पर एक हजार और 12 वीं में दो हजार रुपये की राशि दिये जाने की योजना इस वर्ष प्रांरभ की गई है.

मत्स्य समितियों को प्रोत्साहन देने के लिये मछुओं द्वारा जलाशयों में सर्वाधिक उत्पादन किये जाने पर इस वर्ष दस लाख की राशि के पुरस्कार वितरित किये गये हैं. विश्नोई ने कहा कि बारना जलाशय में जल्द ही हेचरी बन जायेगी. उन्होंने गाँधी सागर जलाशय के ग्रामीण क्षेत्र की बस्ती के लिये सुलभ शौचालय के निर्माण का आश्वासन भी दिया. उन्होंने बताया कि सहकारिता विभाग के माध्यम से प्रत्येक समिति में अक्रियाशील मछुआरों को पृथक किया जायेगा. इससे क्रियाशील मछुआरों को अधिक लाभ हो सकेगा. सभा में महासंघ के जलाशयों में कार्यरत मत्स्य सहकारी समितियों को देने का अनुमोदन दिया गया. सभा में प्रबंध संचालक सुरंजना रे, सचिव निर्मल शर्मा, सभी समितियों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी मौजूद थे.

Related Posts: