मुंबई. आइपीएल में सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग पर बढ़ते शिकंजे के मद्देनजर मुंबई क्राइम ब्रांच ने सोनू योगेंद्र जालान और देवेंद्र कोठारी नाम के दो सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक उसने आइपीएल में सट्टेबाजी की बात को स्वीकार किया है.

सट्टेबाजों ने मैच फिक्सिंग के लिए दस करोड़ रुपये एक खिलाड़ी को देने की बात कबूल की है. पुलिस ने इस सट्टेबाजी में अंडरवर्ल्ड के हाथ होने से इंकार नहीं किया है. पुलिस के मुताबिक यह पूरा कारोबार करीब पांच सौ करोड़ का है. पुलिस के मुताबिक सोनू छोटा शकील के लिए काम करता है. पुलिस इस मामले में सोनू से पूछताछ कर रही है ताकि इस मामले में बड़ी मछलियों पर भी शिकंजा कसा जा सके. इस बीच श्रीलंका क्रिकेट ने कहा है कि इंडियन प्रीमियर लीग में उसके किसी खिलाड़ी पर मैच फिक्सिंग के आरोपों की उसे जानकारी नहीं है. श्रीलंका क्रिकेट के सचिव निशांता रणतुंगा ने कहा कि हमें इस तरह के आरोपों की कोई जानकारी नहीं है. यदि ऐसा होता तो बीसीसीआई हमें जरूर सूचित करता. उन्होंने कहा कि यदि बीसीआई इसकी सूचना देगा तो मामले की जांच जरूर की जाएगी. रिपोर्ट के अनुसार एक सटोरिए सोनू योगेंद्र उर्फ मलाड ने मुंबई अपराध शाखा को बताया कि उसने श्रीलंका के एक क्रिकेटर को मैच फिक्स करने के लिए 10 करोड़ रुपये दिए थे. उस खिलाड़ी और मैच के ब्यौरे का खुलासा नहीं किया गया है.

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