सार्वजनिक वितरण प्रणाली में देश में व्याप्त भारी भ्रष्टाचार के विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन संभवत: देश में सबसे पहले सार्थक कार्यवाही करने जा रहा है. फूड-कूपन की एक नई योजना शुरू की गई है जिसका पहला चरण इसी माह जनवरी में प्रारंभ होगा.

इस योजना से बोगस राशन कार्डों का सफाया हो जायेगा. इस योजना का उद्देश्य राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के वास्तविक उपभोक्ता को खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित करना है. इसमें नये लेमिनेटेड और बार कोडेड राशन कार्ड दिये जायेंगे. इसी महीने होशंगाबाद व हरदा जिलों में इसकी शुरूआत होगी. पहले चरण में इन दो के अलावा 4 अन्य जिलों- शाजापुर, देवास, खंडवा और बुरहानपुर में भी फूड कूपन का वितरण होगा. गत वर्ष 2011 में ही अब तक घर घर जाकर व्यापक सर्वे किया गया था और 43 लाख लोगों का पंजीयन किया जा चुका है. नये राशन कार्ड के आधार पर ही फूड कूपन दिये जायेंगे. इनके बांटने में शहरों में वार्डों को और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर को आधार बनाया गया है. इसके लिये उपभोक्ताओं की तीन श्रेणियां निर्धारित की हैं. एक बी.पी.एल. (गरीबी रेखा से नीचे) ए.पी.एल. (गरीबी रेखा से ऊपर) और ए.ए. वाय. इनके राशन कार्ड भी अलग-अलग रहेंगे. इनके वितरण के लिये शिविर लगाये जायेंगे और जन प्रतिनिधि या अधिकारी की उपस्थिति में दिये जायेंगे.

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