संप्रग सरकार को अपदस्थ करने तक चैन की सांस नहीं लेंगे

महंगाई के विरोध में भाजपा नेताओं ने दी गिरफ्तारियां

भोपाल,22 जून,नभासं. लोकसभा में भाजपा सांसद दल की नेता सुषमा स्वराज के नेतृत्व में आज भाजपा कार्यकर्ताओं ने 3 सूत्रीय मांगों को लेकर गिरफ्तारियां दी. मूल्यवृद्धि वापस लेने, खाद्य वस्तुओं की मंहगाई कम करने और राज्यों के साथ विशेष रूप से मध्यप्रदेश के साथ हो रहे केन्द्र के भेदभाव को समाप्त करने की मांग की गयी.

स्वराज ने आरोप लगाया कि केन्द्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की गलत नीतियों और केन्द्रीय मंत्रियों के भ्रष्टाचार के कारण देश में बेतहाशा महंगाई बढने से आम आदमी त्रस्त हो गया है.सुषमा स्वराज ने कहा कि जेल भरो आंदोलन संघर्ष की शुरूआत है. केन्द्र सरकार को मूल्यवृद्धि वापस लेने के लिए विवश होना पड़ेगा अन्यथा केन्द्र सरकार को सत्ता से जनता बेदखल कर देगी. जिला प्रशासन ने भाजपा कार्यालय के सामने आंदोलन स्थल को अस्थायी जेल घोषित कर 7700 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रिहा करने की घोषणा की . इसके चलते नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को किसी प्रकार की मशक्कत नहीं करना पडी.

स्वराज ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार नीतिगत पक्षाघात की शिकार है. 22 अप्रैल को संसद सत्र समाप्त हुआ और 23 अप्रैल को पेट्रोल पर 7.5 रू. प्रति लीटर की मूल्य वृद्धि करके उसने संसद का अपमान किया. इसके विरोध में भारत बंद का सफ ल आयोजन हुआ और हमें राष्ट्रीय स्तर पर 22 जून को जेल भरो आंदोलन करने की घोषणा करनी पड़ी. आज का आंदोलन राष्ट्रीय नेतृत्व की उसी घोषणा की परिणति है. जब तक केन्द्र सरकार मंहगाई पर लगाम नहीं लगाती भारतीय जनता पार्टी जनसंघर्ष और आम आदमी के इस संघर्ष को जारी रखेगी और केन्द्र को मंहगाई पर नियत्रंण करने के लिए विवश किया जायेगा. कार्यकर्ताओं को वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद कैलाश जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा, प्रदेश संगठन महामंत्री अरविन्द मेनन, प्रदेश मंत्री राजो मालवीय, प्रदेश कार्यालय मंत्री आलोक संजर, खनिज निगम के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा, भोपाल जिला अध्यक्ष आलोक शर्मा, विधायक विश्वास सारंग, जितेन्द्र डागा, ब्रहमानंद रत्नाकर एवं सुनील पांडे ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर प्रदेश और जिले के पार्टी पदाधिकारी और निगम मंडलों के अध्यक्ष और पदाधिकारियों ने भी जेल भरो आंदोलन में भाग लिया. जिला अध्यक्ष आलोक शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया.

सुषमा स्वराज ने कहा कि यूपीए द्वितीय को तीन वर्ष एक माह पूर्ण हो गया है. 2009 में कांग्रेस ने आम आदमी के नाम पर वोट मांगा था, लेकिन इन तीन वर्षो में यूपीए सरकार ने आम आदमी को त्रास किया है. संसद का एक भी सत्र ऐसा नहीं गया जिसमें हमने मंहगाई का मुद्दा पूरी आक्रामकता के साथ न उठाया हो, लेकिन इसके बावजूद मंहगाई ने थमने का नाम नहीं लिया. उल्टे कांग्रेस और उसके पदाधिकारी मंहगाई के नाम पर कुतर्क देकर जनता के जख्मों पर नमक छिड़कते है. यह केन्द्र की जनविरोधी मानसिकता का सबूत है. उन्होनें बड़े ही मार्मिक ढंग से कहा कि देष में 2004 तक 6 वर्षो में एनडीए की सरकार रही. तब अटलबिहारी वाजपेयी हर बैठक में जनता-जनार्दन के प्रति संवेदनषील रहने का परामर्ष देते थे. लेकिन कांग्रेसनीत यूपीए सरकार बार-बार मंहगाई कम करने का जब-जब वायदा करती है दूसरे दिन भाव में वृद्धि हो जाती है. उन्होनें कहा कि हमारी मांग दाम कम करने की नहीं, मूल्यवृद्धि वापस लेने की है. खाद्य वस्तुओं की मंहगाई तत्काल बंद की जाये और राज्यों के साथ हो रहा भेदभाव समाप्त किया जाये.

उन्होनें कहा कि मध्यप्रदेष में बीपीएल परिवारों की संख्या 63 लाख है, लेकिन केन्द्र सरकार खाद्यान्न 42 लाख को उपलब्ध कराती है. 21 लाख को पूर्ति करना मध्यप्रदेष की सरकार की विवषता है. प्रदेष में कोयला का भंडार है. मध्यप्रदेष को प्रदेष के कोयला भंडार से कोयला देने के बजाय ऑस्ट्रेलिया से कोयला आयात करने के लिए कहा जाता है. पूर्व में सांसद कैलाश जोशी ने कहा कि सुषमा जी ने जब-जब केन्द्र सरकार को मंहगाई पर लगाम लगाने के लिए विवश किया है. इसका परिणाम उल्टा ही दिखाई दिया. समय आ गया है कि केन्द्र सरकार मंहगाई पर नियंत्रण करें अन्यथा उसे पराजय झेलने के लिए विवश होना पड़ेगा. पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा ने कहा कि हमने एक सरकार ऐसी देखी है जब मंहगाई डायन मर गयी थी.

एनडीए सरकार में मंहगाई सिमट गयी थी और विकास दहाई में पहुंच गया था लेकिन आज मंहगाई जनता के लिए जानलेवा बन गयी है. प्रदेष संगठन महामंत्री अरविन्द मेनन ने जेल भरो आंदोलन को संबोधित करते हुए कहा कि देष के प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और योजना आयोग के उपाध्यक्ष अर्थषास्त्री है लेकिन बिडंवना है कि अर्थषास्त्रियों की तिकड़ी ने देष को मंहगाई और भ्रष्टाचार के भंवर में फंसा दिया है.रामेष्वर शर्मा और विष्वास सारंग ने संबोधित करते हुए कहा कि जेल भरो आंदोलन यूपीए सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा.
इस अवसर पर प्रदेश मुख्य प्रवक्ता विजेश लूनावत, प्रदेश संवाद प्रमुख डॉ. हितेश वाजपेयी, विधायक धु्रवनारायण सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष रमेश शर्मा गुट्टु भैया, बीडीए अध्यक्ष सुरेन्द्रनाथ सिंह, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष राशिद खान, ग्रामीण जिलाध्यक्ष भक्तपाल सिंह, बाबूलाल महाजन, सलीम कुरैशी, कुलदीप खरे, वंदना जाचक, राहुल राजपूत, शैलेन्द्र शर्मा, भरत चतुर्वेदी, डॉ. अरूण कुमार वत्रा, रामकिषन चौहान, सूरतसिंह मारन, सत्यार्थ अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, अषोक सोनी, बसंत गुप्ता, ओमप्रकाष मेवाडा, गोपाल सिंह मीणा, सुषील वासवानी, नरेष आषुदानी सहित निगम-मंडलों के अध्यक्ष जिला पदाधिकारी एवं हजारों कार्यकर्ता उपस्थित थे.

क्या कहा नेताओं ने

 

  • जिला मुख्यालयों पर वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर गिरफ्तारियां दी
  • गरीबी मापने का कौन सा पैमाना अपनाया समझ नहीं आ रहा
  • भ्रष्टाचार के कारण बढ रही महंगाई
  • संसद के आगामी सत्र में सरकार को इस मुद्दे पर घेरा जायेगा
  • पेट्रोल मूल्य वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं के दाम बढे और आवागमन महंगा हो गया
  • आठ साल के कार्यकाल में प्रतिदिन महंगाई से दो चार होना पड रहा
  • जेल भरो आंदोलन संघर्ष की शुरूआत
  • केन्द्र सरकार को मूल्यवृद्धि वापस लेने के लिए विवश होना पड़ेगा
  • पुलिस को किसी प्रकार की नहीं करनी पडी मशक्कत

 

Related Posts: