किराना, थोक बाजार, अनाज मण्डी सहित प्रमुख बाजार रहे बंद

भोपाल,9 अप्रैल,नभासं. केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के खिलाफ राजधानी भोपाल में किराना व्यापारियों के अलावा खाद्य वस्तुओं के व्यवसाय से जुडे लोगों के तीन दिनों के बंद के पहले दिन आज होटल रेस्टारेंट और चाय-नाश्ते की दुकानें तक बंद रहीं.

भोपाल के पुराने शहर में किराना दुकानें और खाद्य वस्तुओं से जुडे कारोबार बंद रहने के कारण बाजार के एक हिस्से में सन्नाटा पसरा रहा हालांकि इलेक्ट्रानिक और अन्य व्यवसाइयों की दुकानें खुली रहीं. शहर के नए हिस्से में भी किराना कारोबारियों और होटल-रेस्टारेंट संचालकों ने भी अपने कारोबार बंद रखे. इस कानून के विरोध में व्यापारियों ने एकत्रित होकर नारेबाजी की और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की.
कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के आह्वान पर आज से प्रारंभ हुए आंदोलन के बारे में कैट के उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी राधेश्याम माहेश्वरी ने बताया कि भोपाल में किराना दुकान और खाद्य पदार्थों से जुडी वस्तुओं का व्यापार करने वाले व्यापारियों ने अपना कारोबार पूरी तरह बंद रखा. उन्होंने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियक को काला कानून बताते हुए कहा कि यह पूरी तरह देश के करोडों व्यापारियों के खिलाफ है. इसके लागू होने से छोटे व्यापार और व्यवसाय दम तोड देंगे. यह कानून विदेशी कंपनियों और उनके उत्पादों को बढावा देने वाला है.

माहेश्वरी ने कहा कि यह कानून मध्यप्रदेश में एक अप्रैल को लागू कर दिया गया है. केंद्र सरकार ने यह कानून देश के अलग.अलग राज्यों में अलग.अलग समय लागू किया ताकि देश के सभी व्यापारियों को एक साथ इसके बारे में पता नहीं चल सके. राजस्थान राज्य में यह कुछ माह पहले ही लागू हो गया है. उन्होंने कहा कि व्यापारी मिलावट के पक्षधर नहीं हैं और यह भी मानते हैं कि मिलावट करने वालों को कडी से कडी सजा दी जाए. लेकिन इसकी आड में सभी व्यापारियों को प्रताडित करना उचित नहीं है.

उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत से अधिक व्यापारी ईमानदार हैं और वे मिलावट नहीं करते हैं. जो इस काम में लिप्त रहते हैं उन्हें कडी सजा मिलनी चाहिए.  माहेश्वरी ने कहा कि नए कानून के प्रावधान व्यावहारिक नहीं है. इसके चलते छोटे व्यवसायी अपना कारोबार ही नहीं कर सकेंगे और उनके समक्ष रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जाएगा. इंदौर ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रतलाम, सागर, रीवा, कटनी, छिंदवाडा, शिवपुरी और अन्य स्थानों से भी बंद का व्यापक असर दिखायी देने के समाचार मिले हैं.

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