कालोनियों में नहीं हो रहा बचाव का प्रबंध

भोपाल, 17 नवंबर. मलेरिया ने अब अपना पांव राजधानी में भी पसारना शुरू कर दिया है. सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी नर्सिंग होमो में मलेरिया से ग्रसित मरीजों की संख्या में हर दिन इजाफा देखा जा रहा है. वहीं स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी अभी भी चुप्पी साधे हुये है.

राजधानी के अधिकांश कालोनियों में मच्छरों का कहर इतना ज्यादा हो चुका है. कि आमजनों का जीना दूभर हो गया है. जगह-जगह पानी का जमावड़ा और उसमें पनप रहे मच्छर के लारवा इस बात की तरफ इशारा करते है कि शासन मलेरिया को लेकर जरा भी गंभीर नहीं है. वहीं कालोनियों में निर्माणाधीन मकानों का आलम यह है कि महीनों तक सड़कों पर गन्दगी का अम्बार लगा दिया जाता है. जिसकी वजह से सीवर एवं नालियां जाम हो जाती है. जो मच्छरों की संख्या में वृद्घि के लिये अनुकूल कही जा सकती है. वही दूसरी तरफ नगर निगम भी कुछ कम नहीं है. अधिकांश कालोनियों में कूड़ेदान की व्यवस्था आज भी नहीं हो पायी है. इसके अलावा जहाँ पर कूड़ेदान रखा भी गया है, वहां नगर निगम का अमला शायद ही कभी निरीक्षण हेतु जाता हो, महीनों तक कूड़ेदान में रखा कूड़ा सड़ता है. कालोनी वासियों द्वारा जब इसकी शिकायत की जाती है. तो बमुश्किल निगम द्वारा कोई कदम उठाया जाता है. उल्लेखनीय है कि मलेरिया उन्मूलक दवाइयों का छिड़काव अब न के बराबर किया जाता है और यही मुख्य वजह है. जिसके चलते मलेरिया का प्रकोष्ठ अब राजधानी से तेजी से फैल रहा है. गौरतलब है कि मलेरिया हेतु सबसे ज्यादा संवेदनशील काजी कैंप, रमेश, नवीन नगर, पुष्पा नगर, अशोका गार्डन, बरखेड़ी आदि क्षेत्रों को माना जा सकता है.

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