31 अक्टूबर तक प्रभावशील रहेगी योजना

भोपाल,2 अप्रैल,मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र के 16 जिलों में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले शहरी एवं ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के कनेक्शन जोडऩे के लिए हितकारिणी योजना लागू की है. योजना 1 अप्रैल से 31 अक्टूबर 2012 तक प्रभावशील रहेगी.

योजना का उद्देश्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में स्थाई/अस्थाई विच्छेदित या संयोजित गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को पूर्व की बकाया राशि की वजह से नवनिर्मित विद्युत अधोसंरचना से जुडऩे में आ रही कठिनाइयों को दूर करना है. योजना के विकल्प-एक के अनुसार 31 मार्च 2012 की स्थिति में, स्थाई/अस्थाई विच्छेदित एवं संयोजित, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले शहरी एवं ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के विद्युत देयकों की ऊर्जा प्रभार राशि (मीटर किराया सहित) में से 50 प्रतिशत बकाया राशि का एक मुश्त भुगतान करने पर शेष 50 प्रतिशत ऊर्जा प्रभार राशि (मीटर किराया सहित) की छूट दी जाएगी. सरचार्ज की राशि में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी.

उपभोक्ताओं को संयोजन के पूर्व बकाया राशि के साथ 200 रूपये का पुनर्संयोजन प्रभार देना होगा. इसके अतिरिक्त स्थाई/अस्थाई विच्छेदित उपभोक्ता को 60-105 रूपये, 30 एवं 55 रूपये सुरक्षा निधि जमा करनी होगी. विद्युत शुल्क एवं उपकर (सेस) पर किसी भी प्रकार की छूट की पात्रता नहीं होगी. विकल्प-दो के अनुसार 31 मार्च 2012 की स्थिति में, स्थाई/अस्थाई विच्छेदित एवं संयोजित, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले शहरी एवं ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के विद्युत देयकों की ऊर्जा प्रभार की राशि (मीटर किराया सहित) में से 60 प्रतिशत बकाया राशि का भुगतान अधिकतम 12 मासिक किस्तों में, जिसकी समयावधि 31 मार्च से अधिक नहीं होगी, 40 प्रतिशत ऊर्जा प्रभार तथा सरचार्ज की राशि में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी.

उपभोक्ताओं को संयोजन के पूर्व बकाया राशि की मासिक किस्त के साथ 200 रूपये पुनर्संयोजन प्रभार देना होगा. इसके अतिरिक्त स्थाई/अस्थाई विच्छेदित घरेलू उपभोक्ता को निम्नलिखित सुरक्षा निधि जमा करनी होगी. 60, 105, 30 और 55 रूपये विद्युत शुल्क एवं उपकर (सेस) पर किसी भी प्रकार की छूट की पात्रता नहीं होगी.  जिन प्रकरण में विद्युत शुल्क एवं उपकर की गणना करना संभव नहीं हो पा रही है उनमें इस योजना के लिए विद्युत शुल्क एवं उपकर (सेस) की गणना कुल मूल बकाया राशि (कुल बकाया राशि (-) सरचार्ज) का मात्र 10 प्रतिशत की दर से की जाएगी. आगामी किश्तों का भुगतान चालू मासिक विद्युत खपत के साथ देय होगा. बकाया राशि की निर्धारित किश्तों के भुगतान में चूक होने पर नियमानुसार सरचार्ज देय होगा एवं योजना की सुविधा स्वत: समाप्त हो जाएगी. इच्छुक उपभोक्ता से नियमित मासिक बिल के साथ जमा की जाने वाली किश्त के अलावा अतिरिक्त किश्तों की राशि भी जमा करायी जा  सकती है.

आवेदन की प्रक्रिया

पात्र उपभोक्ता निर्धारित प्रपत्र में आवेदन संबंधित वितरण केन्द्र/जोन पर प्रस्तुत कर सकेंगे. उपभोक्ता को गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने संबंधी दस्तावेज (वैध राशनकार्ड अथवा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत/मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका/नगर पंचायत/क्षेत्रीय अधिकारी या उपायुक्त नगर निगम द्वारा जारी प्रमाण-पत्र) प्रस्तुत करना होगा. योजना का लाभ योजना अवधि में केवल एक बार उपलब्ध होगा. योजना के अनुसार निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार संभाग के उप महाप्रबंधक को होगा.

सुविधा योजना” की अवधि 31 मई तक बढ़ी

किसानों के लिये लागू ”सुविधा योजना” की अवधि को 31 मई, 2012 तक बढ़ा दिया गया है. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा बकाया राशि होने के कारण स्थाई अथवा अस्थाई रूप से कटे हुए कृषि पम्प कनेक्शन पुन: सिंचाई के लिये जोडऩे ”सुविधा योजना” नवम्बर, 2011 से लागू की गई है. सुविधा योजना के विकल्प-1 के अंतर्गत स्थाई अथवा अस्थाई रूप से विच्छेदित कृषि पम्प उपभोक्ता यदि विद्युत कनेक्शन लेना/पुनर्संयोजन चाहते हैं तो उन्हें स्थाई अथवा अस्थाई रूप से कनेक्शन कटने की दिनांक 31 अगस्त, 2011 तक मूल बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान करने पर बिल में जोड़ी गई सरचार्ज की राशि पूरी तरह से माफ कर दी जायेगी.

भुगतान के पश्चात कनेक्शन जोड़ दिया जायेगा. उपभोक्ता को कनेक्शन जोडऩे से पहले योजना में शामिल रि-कनेक्शन चार्ज का नगद भुगतान करना होगा. इसके अलावा उपभोक्ता को 45 दिन की अवधि की अनुमानित खपत के समतुल्य सुरक्षा निधि भी जमा करना होगी. इसी प्रकार विकल्प-2 में स्थाई अथवा अस्थाई रूप से विच्छेदित कृषि पम्प उपभोक्ता यदि कनेक्शन जुड़वाना चाहते हैं तो बकाया राशि का भुगतान किस्तों में भी कर सकते हैं. योजना का लाभ लेने के लिये किसानों को नजदीकी विद्युत केन्द्र में सम्पर्क करना है.

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