नई दिल्ली,29 मई. पंजाब और हरियाणा की सरकारों ने साफ कर दिया है कि वो पेट्रोल पर वैट नहीं घटाएंगे। यानी दोनों राज्यों की जनता को पेट्रोल की बढ़ी कीमतों से कोई राहत नहीं मिलने वाली है। बता दें कि सोमवार को दिल्ली सरकार का बजट आने के बाद इन राज्यों पर भी वैट कम करने का दबाव बना था। दिल्ली सरकार ने सालाना बजट में पेट्रोल पर से वैट घटाकर इसे सवा रुपए सस्ता कर दिया है।

इससे पहले केरल और उत्तराखंड में भी अपने राज्यों में वैट कम किया है। हालांकि बीजेपी ने भी अपने पार्टी शासित राज्यों से वैट कम करने को कहा था लेकिन गोवा के अलावा किसी और राज्य ने पेट्रोल पर वैट में कमी नहीं की। पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल का कहना है कि अगर वो वैट कम करते हैं तो भी पेट्रोल की कीमतों पर खास असर नहीं पड़ेगा। हालांकि सुखबीर बादल इस बात को नजरअंदाज कर गए कि पंजाब में पेट्रोल पर 27.5 फीसदी वैट है। इसके अलावा दस प्रतिशत सेस और प्रति लीटर एक रुपया इंफ्रास्ट्रक्टर चार्ज भी वसूला जाता है। पंजाब में एक लीटर पेट्रोल 80 रुपये 80 पैसे का है।

दूसरी ओर हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने पेट्रोल पर वैट कम करने की बात को यह कहकर टाल दिया कि हरियाणा में पहले से ही पेट्रोल और डीजल देश के कई राज्यों से काफी सस्ता है। हम आपको बता दें कि हरियाणा में पेट्रोल पर बीस प्रतिशत वैट वसूला जाता है। मालूम हो कि पेट्रोल की कीमतों में हाल ही में की गई साढ़े सात रुपए की बढ़ोतरी के बाद चौतरफा दबाव को देखते हुए कांग्रेस ने अपने सभी मुख्यमंत्रियों से वैट दरों में कमी करने को कहा था जिससे कि जनता को कम कीमत पर पेट्रोल मिल सके।

तेल कम्पनी देंगी राहत

नयी दिल्ली, नससे.नई दिल्ली पेट्रोल में 7.54 रुपए प्रति लीटर की भारी-भरकम बढोतरी के कुछ दिन बाद देश की सबसे बडी तेल कंपनी इंडियन आयल कार्पोरेशन (आईओसी) ने इस सप्ताह 1.25 रुपए से 1.5० रुपए प्रति लीटर की कमी का संकेत दिया. आईओसी के अध्यक्ष आर एस बुटोला ने कहा कि हम अंतराष्ट्र्रीय बाजार में तेल की कीमतों में कमी का फायदा निश्चित तौर पर ग्राहकों को भी देंगे.

तेल कंपनियां पिछले पखवाडे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमत और विदेशी मुद्रा की दर के आधार पर हर महीने की पहली और 16वीं तारीख को पेट्रोल की कीमत में संशोधन करती हैं. कच्चे तेल की कीमत के आधार पर पेट्रोल की कीमत का निर्धारण किया जाता है. वर्तमान में कच्चे तेल की कीमत 124 डालर प्रति बैरल है और इसी मूल्य को ध्यान में रखते हुए 24 मई को हुई बढोतरी ध्यान में रखा गया था. जबकि अब कीमतें घटकर 116-117 डालर प्रति बैरल पर आ गई है. लेकिन रुपया अमेरिकी डालर के मुकाबले 53.17 से लुढककर 55.3० पर आ गया है. उन्होंने कहा कि यदि गिरावट का रुख रहता है तो हम निश्चित तौर पर इसका फायदा ग्राहकों को देंगे.

कंपनी अब से पाक्षिक तौर पर संशोधन की नीति अपनाएगी. बुटोला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमत में प्रति डालर की कमी का मतलब होता है देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत में प्रति लीटर 33 पैसे की कमी. लेकिन जितनी बाद डालर के मुकाबले रुपया एक रुपए बढता है तो उससे घरेलू पेट्रोलियम उत्पादों की लागत 77 पैसे बढ जाती है. यदि मौजूदा रुख महीने के शेष दिनों में जारी रहता है कि तो तेल कंपनियां पेट्रोल की कीमत में करीब 1.25 रुपए की कमी कर सकती हैं. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमत कम होगी. यदि कम होती है और रुपया कमजोर नहीं होता है तो हम इसका फायदा ग्राहकों को देंगे जैसा कि हमने पिछले साल 16 नवंबर और एक दिसंबर को किया था जबकि उससे पहले चार नवंबर को कीमतें बढाई गयी थीं.

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