इस्लामाबाद, 15 जून. : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि पहले यहां की किसी सरकार ने भारत के साथ व्यापार को बढ़ावा देने के बारे में नहीं सोचा, लेकिन उन्होंने नई दिल्ली के साथ रिश्तों में बदलाव के लिए व्यापार के मुद्दे को छुआ.

गिलानी ने कहा, भारत के साथ व्यापार को सामान्य बनाने के मुद्दे को पाकिस्तान में पहले की किसी सरकार ने छूना नहीं चाहा लेकिन हमने इस मुद्दे पर राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय प्ररिप्रेक्ष्य में गौर करने का फैसला किया. भारत के साथ पाकिस्तान के रिश्ते को स्थाई और शांतिपूर्ण करार देते हुए गिलानी ने कहा, हमने इस रिश्ते में बदलाव के लिए पारंपरिक रवैये की बजाय सकारात्मक रुख अख्तियार किया. हमने भारत के साथ पूरी बातचीत को बहाल किया और आज के समय सियाचिन, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, जल मुद्दे तथा जम्मू-कश्मीर पर बातचीत चल रही है.  गिलानी ने कहा कि दोनों देशों के परमाणु शक्ति संपन्न होने के बाद अब परमाणु रणनीति एवं समाधान को लेकर जोर होगा. भारत और पाकिस्तान ने करीब दो साल के बाद बीते वर्ष बातचीत की प्रक्रिया शुरू की थी. वर्ष 2008 के मुंबई हमलों के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया टूट गई थी.

मंदी से उबरने को साथ काम करेंगे ओबामा-मनमोहन

वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ग्लोबल अर्थव्यस्था को मजबूत करने के अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर पारस्परिक संबंधों समेत गहराते यूरो जोन संकट पर बातचीत की.

ओबामा ने बृहस्पतिवार को फोन पर प्रधानमंत्री सिंह से चर्चा की. व्हाइट हाउस से जारी बयान के अनुसार दोनों नेता यूरो जोन से आई मंदी से उबारते हुए विश्व स्तर पर अर्थव्यवस्था में मजबूती लाने के लिए मिलकर कार्य करने पर सहमत हो गए हैं. बयान में कहा गया है कि दोनों नेता यूरोजोन संकट और अन्य स्थानों पर अर्थव्यवस्था पर लगातार बने खतरे के मद्देनजर वैŸिवक अर्थव्यवस्था की मजबूती के उपायों के महत्व पर सहमत हुए है.

साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति और भारतीय प्रधानमंत्री मैक्सिको के लॉस काबोस में 18 जून से शुरू हो रहे दो दिवसीय जी-20 सम्मेलन को सफल बनाने के लिए एक साथ कार्य करने पर भी रजामंद हो गए हैं. इस बैठक में यूरोपीय संकट के अलावा भारत और चीन की गिरती अर्थव्यस्था का मुद्दा छाए रहने की संभावना है. यूरोप में जारी कर्ज संकट से ग्रीस और स्पेन जैसों के सामने कर्ज चुकाने का गहरा संकट मंडरा रहा है.

दोनों शीर्ष नेताओं की बातचीत उस समय हुई है जब अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा तीसरे भारत-अमेरिकी कूटनीतिक सम्मेलन में भाग लेने वाले हैं. भारत उन छह देशों में शामिल है जिसे अमेरिका ने ईरान से तेल आयात करने के मामले में नए प्रतिबंधों को मानने से छूट दे रखी है.

Related Posts: