नरेंद्र तोमर, संजय जोशी को पीछे से निकलना पड़ा

लखनऊ, 16 जनवरी. नितिन गडकरी के सोमवार को लखनऊ पहुंचते ही लखनऊ में वेस्टर्न यूपी से लेकर ईस्ट यूपी तक के सैकड़ों वर्करों ने जमकर हंगामा मचाया। आरोप तो यहां तक लगाया गया कि एक टिकट पाने के लिए कई लाख रुपए तक लिए गए।

बीजेपी नेशनल प्रेजिडेंट गडकरी एक चार्टड प्लेन से मुंबई से यहां बीजेपी का विजन पेश करने आए थे। नाराजगी का शिकार नेशनल लेवल के कई लीडरों को होना पड़ा। नरेन्द्र तोमर, संजय जोशी एवं करुणा शुक्ला को पीछे के रास्ते से निकालना पड़ा। गडकरी और अन्य सीनियर लीडरों पर सीधा आरोप लग रहा है कि मायावती को फिर से यूपी का सीएम बनाने के लिए टिकट वितरण में धांधली बरती गई। एक वर्कर रामसेवक शुक्ल जो फिरोजाबाद के शिकोहाबाद से आया था, ने करुणा शुक्ला को बताया कि पूर्व मंत्री अशोक यादव से रकम लेकर कमजोर कैंडिडेट लक्ष्मी नारायण यादव को टिकट इसलिए दे दिया गया, जिससे ब्राह्मण वोट बीजेपी को न मिले। लक्ष्मी नारायण के भाई की हत्या के आरोपी एक दीक्षित परिवार को बताकर ब्राह्मण वोटरों को बीजेपी कैंडिडेट ने नाराज कर रखा है। शिकोहाबाद से आए लोगों ने अटल बिहारी बाजपेयी की सगी भतीजी करुणा शुक्ला से यह भी कहा कि आप छत्तीसगढ़ छोड़कर लखनऊ लोकसभा चुनाव लडऩा चाहती है, तो गड़करी ने जीत की संभावना वाले प्रत्याशी संजय यादव को इलाहाबाद-लखनऊ का क्यों माना?

करुणा शुक्ला ने मीडिया के समक्ष कहा कि जब सोनिया जी को इटली का नहीं माना गया तो मुझे अथवा संजय को कैसे बाहरी माना जा सकता है।उधर, टिकट बंटवारे से नाराज तुलसीपुर से एमएलए कौशलेन्द्र योगी ने पार्टी से इस्तीफा देकर जेडीयू में शामिल हो गए। अब योगी तुलसीपुर से जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। तो लखनऊ स्थित बीजेपी मुख्यालय पर टिकट बंटवारे में निष्ठावान वर्करों को दर किनार कर दिए जाने से नाराज लोगों ने हंगामा किया। यह हंगामा तब हुआ जब नेशनल प्रेजिडेंट नितिन गडकरी लखनऊ में हैं। बीजेपी दफ्तर में हंगामा करते हुए लीडरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हंगामें के दौरान पार्टी मुख्यालय में अफरातफरी रही।

काफी दिनों से बीजेपी में टिकट बंटवारे के लेकर वर्कर खासे गुस्से में है। पिछले दिनों मुख्तार अब्बास नकवी का कानपुर में घेराव कर हंगामा काटा था। उन्नाव में पंकज गुप्ता को टिकट दिए जाने से नाराज वर्करों को कहा कि जमीनी स्तर से जुड़े वर्करों को इलेक्शन लडऩे का मौका दिया जाना चाहिए। जिस समय हंगामा चल रहा था उस समय प्रदेश प्रभारी नरेन्द्र तोमर एवं संजय जोशी मौजूद थे, जो हंगामा देख वहां से चले गए। फिलहाल नाराज वर्करों को समझाने-बुझाने का दौर चल रहा है लेकिन वे नितिन गडकरी से मिलने की जिद पर अड़े हैं।

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