लंदन, 14 जून. महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका में रहने के वक्त से जुड़े पत्र, तस्वीरें और दस्तावेज लंदन में 10 जुलाई को नीलाम होने जा रहे हैं.

इनमें बापू के आर्किटेक्ट हरमन कैलनबैक के विवादित संबंधों से जुड़े दस्तावेज भी शामिल हैं. नीलाम घर सॉथबी को गांधी से जुड़ी इस सामग्री से 5 लाख से 7 लाख पौंड मिलने की उम्मीद है.  कैलनबैक पर 25 मार्च, 1945 को लिखे एक पत्र में गांधी ने कहा है कि वह (कैलनबैक) कहते हैं कि जब पूरी दुनिया मुझे छोड़ देगी, तब वह सच्चे मित्र की तरह मेरे साथ होंगे. जरूरत पड़ी तो सच की तलाश में वह धरती के छोर तक मेरा साथ देंगे.  सॉथबी ने कहा है कि इस सामग्री में दो पुरुषों के बीच दोस्ती के बारे में काफी जानकारियां हैं. यह गांधी जी की जीवनी के लिए अहम दस्तावेज हैं. कैलनबैक (1871-1945) की दक्षिण अफ्रीका में 1904 में गांधी से मुलाकात हुई थी. इसके बाद वे दोनों हमेशा संपर्क में बने रहे.  गांधी जी के भारत लौटने के बाद भी उनकी दोस्ती कायम रही. 1910 में कैलनबैक ने जोहेनसबर्ग के पास 1100 एकड़ जमीन खरीदी और गांधी जी को दे दी.

इस जमीन पर खेती का कामकाज गांधी जी और कैलनबैक मिलकर देखते थे. सॉथबी ने कहा है कि नीलामी के लिए रखी जाने वाली सामग्री में न केवल जमीन की खरीद से संबंधित दस्तावेज हैं, बल्कि वह दस्तावेज भी शामिल हैं, जो बताते हैं कि कैसे दोनों लोगों ने जमीन के लिए फलों के पेड़ खरीदे. वहां सिंचाई की व्यवस्था की. जमीन पर खेती को लेकर उनका पड़ोसियों से बहस होने का जिक्र भी इनमें है.  इन दस्तावेजों में गांधीजी के बड़े बेटे हरिलाल, दूसरे पुत्र मणिलाल और तीसरे पुत्र रामदास के बारे में भी जानकारी है. सॉथबी के मुताबिक गांधीजी के पारिवारिक सदस्यों और उनके करीबी सहयोगियों की ओर से लिखे गए इन पत्रों में गांधी की निजी जिंदगी के बारे में विस्तृत जानकारी है.

Related Posts: