नयी दिल्ली.3 जून. पूर्व भारतीय कप्तान और मशहूर कमेंटेटर सुनील गावस्कर ने वर्षा से प्रभावित एकदिवसीय मैचों के परिणाम निकालने के लिए एक भारतीय इंजीनियर द्वारा तैयार किए गए नियम की अनदेखी करने और डकवर्थ लुईस को बरकरार रखने पर अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की कडी आलोचना की है.

उल्लेखनीय है कि आईआईटी चेन्नई के छात्र रहे वी जयदेवन ने पिछले 12 वर्षो से चल रहे डकवर्थ लुईस नियम में कई खामियां को उजागर करते हुए वैकल्पिक नियम बनाया था.
वीजेडी नाम से मशहूर इस नियम को पिछले महीने हांगकांग में हुई आईसीसी की बैठक में पेश किया गया था. लेकिन आईसीसी की क्रिकेट समिति की हाल में लार्ड्स में हुई वार्षिक बैठक में डकवर्थ लुईस नियम को ही बरकरार रखने का फैसला किया गया था.

गावस्कर ने अपने नियमित स्तंभ में लिखा कि आईसीसी को जयदेवन के नियम को कम से कम एक मौका तो देना चाहिए था. उन्होंने कहा ..आईसीसी को जयदेवन के नियम को कम से कम एक साल के लिए आजमाना चाहिए था और उसके बाद कोई फैसला करना चाहिए था. गावस्कर की सिफारिश पर वीजेडी को वर्ष 2007 से घरेलू मैचों में इस्तेमाल किया जा रहा है.
आईसीसी क्रिकेट समिति की पिछले सप्ताह लंदन में हुई दो दिवसीय बैठक में डकवर्थ लुईस नियम के स्थान पर वीजेडी नियम को लागू करने पर विचार तो किया लेकिन उसने डकवर्थ लुईस नियम को जारी रखने का फैसला किया.

समिति ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि डकवर्थ लुईस नियम में कोई खामी नहीं है और वीजेडी नियम कोई सुधार नहीं सुझाता है. वर्ष 1996 से लागू डकवर्थ लुईस की उसकी मुश्किल गणना के लिए लम्बे समय से आलोचना की जा रही थी लेकिन समिति को इसमें कोई खामी नजर नहीं आई. गावस्कर ने साथ ही भारतीय मीडिया को भी आडे हाथों लेते हुए कहा है कि उसने इस मामले में जयदेवन का कोई साथ नहीं दिया. गावस्कर ने कहा दुर्भाग्य से भारतीय मीडिया इस दौरान आईपीएल में व्यस्त था.

Related Posts: