नई दिल्ली, 17 जनवरी. सेना प्रमुख के सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद केंद्र सरकार के भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से जंग तेज हो गई है. ताजा घटनाक्रम के अनुसार, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि सेना प्रमुख के उम्र विवाद पर कोई भी फैसला लेने से पहले उसका भी पक्ष सुना जाए.

एंटनी मिले पीएम से, रक्षा सचिव तलब-सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के उम्र विवाद को लेकर सरकार में हलचल तेज हो गई है. मंगलवार को हुए ताजा घटनाक्रम में रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की और सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह के आयु विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के मामले में उनसे विचार विमर्श किया. खबर ये भी है कि सेना प्रमुख के इस कदम के मद्देनजर रक्षा सचिव जो इस समय मलेशिया दौरे पर हैं, तत्काल वापस बुलाया गया है. इससे पहले रक्षा मंत्रालय ने इस मसले पर अहम बैठक बुलाई थी. सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सरकार जनरल सिंह के खिलाफ कोई कड़ा कदम नहीं उठाएगी. अपनी याचिका में जनरल सिंह का दावा है कि सरकार ने यदि उनके जन्म के साल को बदलकर 1951 से 1950 नहीं किया होता तो वह 31 मई 2013 को रिटायर होते.

सेना प्रमुख की ओर से वकील पवन बाली ने यह याचिका दाखिल की है. वरिष्ठ वकील यू.यू. ललित सुप्रीम कोर्ट में जनरल सिंह का पक्ष रखेंगे. ताजा घटनाक्रम को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने अहम बैठक बुलाई है. सेना प्रमुख के सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के कदम से रक्षा मंत्रालय आश्चर्य में पड़ गया है. मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं थी. सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय इस मुद्दे पर विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है. सेना प्रमुख के कदम पर विशेषज्ञों और पूर्व सेना अधिकारियों के अलग-अलग विचार सामने आए हैं. पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल दीपक कपूर का कहना है कि सेना प्रमुख का निजी विषय पर अदालत जाने का निर्णय सेना और राष्ट्र के लिए अच्छा नहीं है. हालांकि उन्होंने उम्र विवाद पर विशेष तौर पर कुछ भी कहने से इंकार किया. पूर्व वायु सेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल पी.वी. नाइक ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि यह निजी मामला है और वह जो अच्छा समझते हैं, उन्हें वह करना चाहिए. भारत के नागरिक के तौर पर उन्हें अदालत जाने का हक है.’ एक अन्य पूर्व वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एस.के. कौल ने कहा कि इस विषय को सरकार और सेना प्रमुख को आपस में सुलझा लेना चाहिए था. भाजपा प्रवक्ता बलबीर पुंज का कहना है कि यूपीए सरकार ने इस मसले से ठीक तरीके से निपटने की कोशिश नहीं की.

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