दोषी पाए गए तो 14 साल जेल

इस्लामाबाद, 17 जनवरी. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. सुप्रीम कोर्ट से अवमानना का नोटिस मिलने के बाद अब राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) गिलानी पर केस दर्ज कर सकता है. भ्रष्टाचार पर नजर रखने वाली पाक की सबसे बड़ी संस्था एनएबी गिलानी के खिलाफ पद के दुरुपयोग का मामला दर्ज करने पर विचार कर रही है.

अगर एनएबी ने गिलानी के खिलाफ यह कदम उठाया तो और वह दोषी पाए गए तो उन्हें 14 साल तक की कैद हो सकती है. देश की सर्वोच्च अदालत ने गिलानी को अवमानना नोटिस भेजने के बाद 19 जनवरी को शीर्ष अदालत खुद आकर जवाब देने को कहा है. पाकिस्तानी मीडिया ने मंगलवार को गिलानी की अगुवाई वाली सरकार को चेतावनी दी कि उसे सुप्रीम कोर्ट की तरफ से आखिरी ‘लाइफलाइन’ मिली है ताकि सरकार न्यायपालिका से टकराव खत्म करे और सैन्य तख्तापलट के हालात न बनें.

पाकिस्तान में दस आतंकी ढेर
दक्षिण पाकिस्तान में हुए एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 10 आतंकियों को मार गिराया. मुठभेड़ सोमवार रात उस समय हुई जब कोहलु जिले के बहलोल इलाके में आतंकियों ने चौकी पर तैनात सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया. मुठभेड़ में किसी भी सुरक्षाबलों के मारे जाने की सूचना नहीं है.

गिलानी को अदालत का आदेश मानना चाहिए

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज [पीएमएल-एन] के अध्यक्ष नवाज शरीफ ने कहा है कि यदि प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी लोकतंत्र में यकीन रखते हैं तो उन्हे अदालत के आदेश को स्वीकार करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि गिलानी ने उनकी पार्टी की सलाह पर काम किया होता तो स्थिति खराब नहीं होती. नवाज सुप्रीम कोर्ट में 19 जनवरी को पेश होने संबंधी गिलानी की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे. न्यायालय ने उन्हे व्यक्तिगत तौर पर अपने समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया था. राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई से संबंधित अपने पूर्व के आदेश का अनुपालन नहीं किए जाने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने गिलानी को अवमानना नोटिस भेजा था, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफे की पेश की थी.  नवाज ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी पार्टी की सलाह पर काम किया होता तो हालात खराब नहीं होते. उन्होंने यह भी कहा कि तानाशाहों के असंवैधानिक कदम का समर्थन करने वाले न्यायाधीशों को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए.

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