मुख्यमंत्री द्वारा ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट इंदौर की उच्च-स्तरीय समीक्षा

भोपाल,3 अप्रैल, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आगामी अक्टूबर में इंदौर आयोजित हो रही ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट की व्यापक व्यवस्थाओं के साथ निवेशकों को भूमि तथा अन्य सुविधा उपलब्ध करवाने की समानांतर तैयारी करने के निर्देश दिये हैं. चौहान ने कहा कि समिट में होने वाले एम.ओ.यू. केवल कागज का टुकड़ा न रहें, धरातल पर परिणाम मिले.

चौहान आज यहाँ ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट की तैयारियों की उच्च-स्तरीय समीक्षा कर रहे थे. वित्त मंत्री राघव जी, उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मुख्य सचिव अवनि वैश्य, अपर मुख्य सचिव परशुराम सहित प्राय:सभी विभागों के प्रमुख सचिव मौजूद थे. बैठक में बताया गया कि इंदौर में 28 से 30 अक्टूबर तक तीन दिवसीय समिट होगी. इससे पहले अन्तर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय तथा प्रादेशिक रोड शो आयोजित कर निवेशकों को प्रदेश की व्यापक औद्योगिक संभावनाओं से अवगत करवाते हुए निवेश के लिये प्रोत्साहित किया जायेगा. मुख्यमंत्री खुद भी इनमें से कुछ चुनिंदा रोड शो में शामिल होंगे.

उम्मीद की जा रही है कि इस ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में साढ़े सात लाख करोड़ रूपये के निवेश के एम.ओ.यू. होंगे. बैठक में बताया गया कि इंदौर में 2007 में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में एक लाख 20 हजार करोड़ तथा खजुराहो समिट में 2 लाख 45 हजार करोड़ के निवेश के एम.ओ.यू. हुए थे. अन्तर्राष्ट्रीय रोड शो अमेरिका, जापान, कोरिया, सिंगापुर आदि देशों में होंगे. इसी तरह पूना, मुम्बई, लुधियाना, दिल्ली, हैदराबाद, बैंगलुरू, चैन्नई आदि बड़े शहरों के साथ प्रदेश के बड़े शहरों में भी रोड शो आयोजित किये जायेंगे.

बैठक में बताया गया कि सड़क, जल, सीवरेज, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, खनिज, स्वास्थ्य, ऊर्जा, उच्च और तकनीकी शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी सहित अनेक बड़े उद्योगों में देश-विदेश के बड़े समूह निवेश के इच्छुक हैं. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सभी संबंधित विभाग निवेश की अपेक्षित संभावना को ध्यान में रखते हुए स्थल चयन सहित बुनियादी सुविधाओं तथा अधोसंरचना संबंधी तमाम जरूरतों की निर्णायक स्थिति इस ग्लोबल समिट से पहले बना लें. यथा संभव निवेशकों को स्थल दिखा दिये जायं. यह भी निर्देश दिये गये कि प्रदेश में विकसित किये जा रहे नवीन औद्योगिक क्षेत्रों में भी बुनियादी कार्य पूरे किये जायं. विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में वर्षों से रिक्त भूखण्डों के आदेश निरस्त कर नये उद्योगों को आवंटित किये जायं.

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