आसमान छूती कीमतों के बावजूद अब भी सबसे विश्वसनीय निवेश

इंदौर, 18 अक्टूबर. दीपावली के नजदीक आते ही पूजा और सजधज के लिए सोने-चांदी के व डायमण्डस से बने गहनों, सिक्कों व अन्य छोटी-मोटी वस्तुओं से सर्राफा व अन्य जगहों पर ज्वेलर्स की दुकाने व बड़े स्टोर नये-नये आयटमों से जगमगाने लगे है.
हालांकि साने चांदी व डायमंड्स की कीमते गत वर्ष के मुकाबले 35 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है, लेकिन शेयर बाजार की अविश्वसनियता तथा डालर के मुकाबले रुपए के घटते मूल्य के कारण इन कीमती धातुओं व पत्थरों में निवेश इतने ऊंचे भावों के बावजूद सुरक्षित माना जा रहा है. जैसा कि स्थानीय सर्राफा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी मानते है कि गत कुछ समय से सोने की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है, यह साढे छब्बीस से सत्ताईस हजार के बीच बना हुआ है. इस लिहाज से आम लोगों का मानना है कि अब मूल्यवान धातुओं की कीमते नहीं गिरेंगी. वैसे भी दीपावली के रूप में सबसे बड़ा त्यौहार व ब्याह-शादी के आगामी सीजन के मद्देनजर इनके भाव बढ़ सकते है. टाटा के स्वर्ण, डायमंड्स के आभूषणों व सिक्कों की देशव्यापी श्रृंखला तनिष्क के निर्देशक निर्मल संचेती का भी मानना है कि आगामी समय में सोने के भाव 2000 से 2200 डालर प्रति औंस बढ सकते है. यदि इसे भारतीय मुद्रा के मान से समझे तो यह वर्तमान भावों से लगभग 20 प्रतिशत ज्यादा है. वे कहते है कि डायमण्डस् के साथ अब गोल्ड भी फार एवर सुरक्षित निवेश माना जा सकता है.

क्या है कैरेट?
अक्सर सोने व डायमण्डस् की शुद्धता को कैरेट की कसौटी पर परखा जाता है. 23 कैरेट के 100 प्र्रतिशत शुद्ध माना जाता है. जैसे जैसे कैरेट की संख्या कम होती जाती है, सोने व डायमण्ड्स की शुद्धता उसी अनुपात में कम होती जाती है.

सोने, चांदी व हीरे

इसे यूं समझें –  24 कैरेट 100 प्रतिशत शुद्धता दर्शाता है. 100 में 24 को भागित करने से 4.166 की संख्या एक कैरेट को दर्शाता है. जितने कैरेट का सोना या डायमंड होगा, उसे इस संख्या से गुणित करने पर उसकी शुद्धता का प्रतिशत आ जायेगा. उदाहरण के लिए 22 कैरेट सोना 91.66 व 18 कैरेट सोने की शुद्धता 75 प्रतिशत मानी जायेगी.

बदला ट्रेन्ड
हालांकि सोने-चांदी व कीमती पत्थरों में निवेश को सभी सुरक्षित मानते है फिर भी इनकी अविश्वसनीय रूप से बढ़ी कीमतों के कारण इनकी खरीदारी का बजट अब आधे से भी कम रह गया है. व्यापारियों ने भी एक ग्राम तक के आयटम तैयार किए है. यह रेंज 2800 रु. से शुरू होती है और ऊपर में खरीदार की क्रय शक्ति तक जाती है. पूजा में चांदी के सिक्के रखने की परम्परा है. ब्रिटिश काल में चलित एक रु. के चांदी के सिक्के को एक तोला (12.5 ग्राम) शुद्ध चांदी का माना जाता है जो कुछ ही वर्षों में 100 रु. से बढ़कर सात सौ रु. प्रति नग के भाव पर पहुंच गया है.

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