कीमती धातुओं, विशेषकर सोने की आसमान चढ़ती कीमतों के बावजूद आभूषण में अच्छी मांग बनी हुई है। हालांकि सोने की कीमत में उतार चढ़ाव जारी है लेकिन यह अभी भी प्रति 10 ग्राम 27,000 रुपये के उपर ही बना हुआ है।  दीवाली के बाद शादियां शुरु हो जाएगी. इस लिहाजसे कारोबायिों को अच्छे व्यापार की आस है. उपभोक्ताओं द्वारा सोना और चांदी खरीदने का सिलसिला अभी से लेकर नव वर्ष के शुरुआत तक चलेगा”

इन्दौर. 17 अक्टूबर. लोग महंगाई की वजह से खरीदारी को स्थगित कर रहे हैं और कीमतें गिरने का इंतजार कर रहे हैं  हालांकि इसके बावजूद बाजार क्षेत्रों को इस सीजन में बेहतर मांग की उम्मीद है। अभी सोने की कीमत बहुत ज्यादा स्थिर है.

सोना-चांदी के व्यापारी रितेश संघवी बताते हैं कि भारत में सोने, चांदी और हीरे का सालाना कारोबार करीब 1,50,000 करोड़ रुपये का है और यह 6-7 फीसदी की दर से बढ़ता जा रहा है. इसमें इन कीमती धातुओं का जिंस बाजार में डीमैट रूप में होने वाला कारोबार शामिल नहीं है. इस बाजार में संगठित क्षेत्र की हिस्सेदारी 15 फीसदी से भी कम है जबकि कीमती धातुओं के कारोबार का एक बड़ा हिस्सा छोटे कारोबारियों समेत असंगठित क्षेत्र में होता है. आभूषणों की मांग केवल त्योहारी सीजन में बढ़ेगी. कारोबारियों को इस साल इसमें 25 फीसदी तक के इजाफे की उम्मीद है. दिसंबर तक सोने की कीमत के 27,000 रुपये प्रति ग्राम के आसपास ही रहने उम्मीद है और साथ ही चांदी की कीमतों में  भी मजबूती पर स्थिरता देखी जा सकती है. खुदरा निवेशक शेयरों के साथ साथ सोने को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं और यह प्रचलन बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच आभूषण उद्योग अनिवार्य तौर पर सोने की शुद्घता के लिए हॉलमार्क को अपनाये जाने को लेकर दबाव बढ़ा रहा है.

  •  कीमतें बढ़ीं, पर नहीं घटा उत्साह

वल्र्ड गोल्ड काउंसिल के प्रबंध निदेशक  अजय मित्रा का कहना है कि सोने में निवेश करने वाले निवेशकों को निराश नहीं होना पड़ा है. यही वजह है कि साल दर साल सोने की कीमतें बढऩे के बावजूद मांग में कमी नहीं आ रही है. वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता की चलते निवेश के दूसरे विकल्पों में जोखिम बढ़ता जा रहा है.

  •  लोगों की सोच भी बदली

सीए निमेश राठी का कहना है कि सोने की कीमतें काफी ज्यादा हैं. फिर भी सोने में निवेश करने वालों को निराश नहीं होना पड़ा है. पिछले 10 सालों से सोने में निवेश करने वालों को हर साल औसतन 24 फीसदी रिटर्न प्राप्त हुआ है. जबकि निवेश के दूसरे विकल्पों में ऐसा नहीं देखने को मिला है. यही वजह है कि सोने के प्रति निवेशकों का विश्वास साल दर साल बढ़ रहा है।. कीमतें बढऩे की वजह से लोगों की सोच बदल गई है.

  •  सोने की कीमते बढ़ेगी

एसबीआई के सुरेश शुक्ला का कहना है- वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चिता और बाजारों में मंदी की आहट से लोग परेशान हैं। रियल एस्टेट की हालात खस्ता है. ऐसे माहौल में लोग जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं, जिससे पूरी दुनिया में सोने के प्रति निवेशकों की चाहत बढ़ती जा रही है जबकि सोने की मात्रा सीमित है मांग की अपेक्षा आपूर्ति कम रहने की संभावना है. ऐसे में कीमतों को बढऩा लगभग तय है।

  •  आयात बढ़ेगा

उपभोक्ता भारती राठौर का कहना है कि इस साल सोने के रिकॉर्ड भाव रहे. जेवर तो खरीदे लेकिन भाव ज्यादा होने की वजह से हल्के वजन में पसंद करना पड़े. जेवर तीज त्योहार और शादी विवाह के लिए जरुरी है.

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