मुंबई, 8 दिसंबर. टेलिकॉम मंत्री कपिल सिब्बल ने इंटरनेट कंपनियों पर लगाम लगाने की बात कही नहीं कि गूगल इंडिया को इनकम टैक्स विभाग का नोटिस पहुंच गया. विभाग ने गूगल इंडिया पर टैक्स चोरी का आरोप लगाया है. सूत्रों के मुताबिक जिस वक्त कपिल सिब्बल गूगल की खिंचाई करने का मन बना रहे थे, तकरीबन उसी समय इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी ग्लोबल सर्च इंजन कंपनी गूगल की भारतीय शाखा को भेजे जाने वाले टैक्स नोटिस को अंतिम रूप दे रहे थे. विभाग के मुताबिक ग्लोबल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी पूरी आय पर टैक्स नहीं दिया है.

इनकम टैक्स अधिकारियों ने विज्ञापनों से होने वाले ‘ नेट इनकम ‘ पर टैक्स देने की गूगल इंडिया की आदत पर सवाल उठाया है. कंपनी अपनी आमदनी का एक बड़ा हिस्सा बतौर वितरण शुल्क गूगल आयरलैंड को दे देती है. इसके बाद बची अपने ‘ शुद्ध आय ‘ या नेट प्रॉफिट पर ही टैक्स देती है. गूगल इंडिया ऐडवड्र्स प्रोग्राम के आधार पर चलता है जिसके मुताबिक इसकी वेबसाइट पर आने वाले विज्ञापन भारत में भारतीय उद्योग समूहों को बेचे जाते हैं. इनकम टैक्स अधिकारियों की दलील उस समझौते पर आधारित है जो गूगल इंडिया और गूगल आयरलैंड के बीच हुआ है. इस समझौते के मुताबिक गूगल इंडिया ऐडवर्ड प्रोग्राम से राजस्व अपने काते में हासिल कर रहा है. आईटी अधिकारियों का तर्क है कि इससे गूगल इंडिया की एक अलग स्वतंत्र पहचान बन जाती है. और इस वजह से इसे अपनी पूरी आमदनी इनकम टैक्स विभाग को बतानी चाहिए और इसी के आधार पर टैक्स अदा करना चाहिए. विभाग के मुताबिक 2008-09 में गूगल इंडिया ने अपनी आय महज 7.49 करोड़ बताई जबकि विभाग के हिसाब से उसे 167.32 करोड़ की अपनी पूरी आय बतानी चाहिए थी. विभाग ने गूगल इंडिया पर उस साल के लिए 74 करोड़ रुपए दावा किया है. गूगल इंडिया के प्रवक्ता ने इस बारे में ई मेल से पूछे गए सवालों के जवाब नहीं दिए.

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