नई दिल्ली, 29 नवंबर. लोकपाल पर स्टैंडिग कमेटी की रिपोर्ट देख अन्ना हजारे बिफर पड़े हैं. उन्होंने सरकारी ड्राफ्ट को देश के साथ धोखा बताया है.

अन्ना हजारे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमें लिखित आश्वासन दिया था कि हम एक मजबूत लोकपाल लाएंगे. लेकिन सरकारी ड्राफ्ट देखकर लगता है कि सरकार की मंशा साफ नहीं है. अन्ना से साफ कहा कि अब उनके पास फिर से आंदोलन करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है. उन्होंने कहा कि  मैं  जंतर मंतर पर 11 दिसंबर को अनशन करूंगा. अगर एक मजबूत लोकपाल विधेयक नहीं पारित किया जाता है तो मैं रामलीला मैदान में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ जाउंगा. सामाजिक कार्यकर्ता का कहना था कि सरकार ने जनता को धोखा दिया है.

उन्होंने कहा कि लोकपाल सिर्फ मेरी मांग नहीं है ये जनता की मांग है. अन्ना ने सरकारी ड्राफ्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मीडिया को लोकपाल के दायरे में रखा गया है तो फिर पीएम को इससे बाहर  क्यों रखा गया है. हजारे ने कहा है कि लोकपाल विधेयक पर स्थायी समिति के मसौदा रिपोर्ट में की गई सिफारिशें भ्रष्टाचार से निपटने में मदद नहीं करेंगी. अन्ना ने कहा है कि भ्रष्टाचार का मामला गरीब लोगों से जुड़ा हुआ है. लेकिन सरकार इसे खत्म करने के लिए कुछ नहीं कर रही है. आम आदमी का कोई भी काम बिना पैसा दिए नहीं होता. उन्होंने साफ कहा कि ऊपर से नीचे तक सभी को लोकपाल के दायरे में लाने की बात कही गई थी मगर सरकारी ड्राफ्ट में तो नीचे की बात ही नहीं है. लोकपाल में ग्रामसेवक से लेकर मंत्री तक सभी को रखने की जरूरत है.

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