नई दिल्ली, 23 अप्रैल. मंगलवार से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण में भी सरकार को राहत के मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। विपक्ष ने महंगाई के साथ भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है।

सरकार को आर्थिक सुधार के अगले चुनाव तक पूरा नहीं हो पाने के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु के विवादास्पद बयान के मुद्दे पर भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। सरकार ने साफ किया है कि वह संसद के दोनों सदनों की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में तय मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। इस चरण में सरकार पेंशन संशोधन विधेयक जैसे कुछ अहम विधेयकों को पारित कराने के पक्ष में है। मगर राज्यसभा में विवादास्पद लोकपाल विधेयक पारित कराने से पहले वह सर्वानुमति बनाए जाने के पक्ष में है। भाजपा की अगुआई में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और वामदलों ने महंगाई के मुद्दे को जोरशोर से उठाने के साथ मतविभाजन के प्रावधान वाले नियमों के तहत दोनों सदनों में चर्चा का नोटिस देने का मन बनाया है।

पहले चरण में- संप्रग सरकार को पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी के इस्तीफे और लोकपाल विधेयक को बजट सत्र में पारित कराने के मुद्दे पर घेरा था। दूसरे चरण में क्या- विपक्ष ने इस बार संसद में आर्थिक सुधार के मुद्दे पर बहस कराए जाने की मांग पर जोर देने का निर्णय लिया है। भाजपा ने इस चरण में हंगामा करने के बजाय मुद्दों पर आधारित चर्चा के जरिए सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।

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