जनशिकायत निवारण बिल लाएगी सरकार

नई दिल्ली, 2 नवम्बर.  सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में अन्ना के जनलोकपाल का अहम हिस्सा सिटीजन चार्टर के मुकाबले जनशिकायत निवारण बिल लेकर आ रही है। इस आशय की घोषणा बुधवार को यूपीए सरकार के मंत्री जयराम रमेश ने की। रमेश ने शीत सत्र में ही लोकपाल बिल को लाने की भी प्रतिबद्धता जताई।

जयराम रमेश ने कहा कि सरकार इसी महीने शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में आम लोगों से जुड़ी जनशिकायत निवारण बिल लाएगी। इस बिल के तहत किसी भी सरकारी काम के लिए 15 दिनों का वक्त तय किया गया है। इस बिल का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। जल्द ही इस बिल पर लोगों से राय मांगी जाएगी।

  •  आरटीआई की तर्ज पर करेगा काम

इस बिल के तहत पंचायत से लेकर केंद्रीय स्तर तक कानून को लागू किया जाएगा। इस कानून का मैकेनिज्म आरटीआई की तर्ज पर होगा। जयराम ने बताया कि जनता की शिकायतें सुनने के लिए करीब पांच लाख अधिकारी तैनात किए जाएंगे ताकि तय समयसीमा में जनशिकायतों का समाधान हो सके।

  •  दो स्तरों पर होगा काम

पहले स्तर पर शिकायतों का निपटारा संबंधित विभाग करेगा। यह काम हर विभाग के शिकायत निवारण अधिकारी के जरिए होगा। दूसरे स्तर पर शिकायत का निपटारा सार्वजनिक प्राधिकरण के विभागाध्यक्ष करेंगे। दूसरे स्तर के अपीली प्राधिकरण के रूप में राज्य शिकायत निपटान आयोग बनाया जाएगा।

  •  भ्रष्टाचार मिटाने पांच बिल

जयराम रमेश ने कहा कि भ्रष्टाचार से मुकाबला करने के लिए सरकार शीतकालीन सत्र में लोकपाल समेत पांच बिल लाने की तैयारी कर रही है। भ्रष्टाचार से लडऩे के लिए पांच सूत्री फार्मूला तैयार कर लिया गया है। इसके बाद किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि सरकार भ्रष्टाचार से निपटने को प्रतिबद्ध है।

‘निश्चित समय में सेवा’ सम्बन्धी विधेयक

सरकार ने निर्धारित समय के अंदर लोक सेवा उपलब्ध कराने एवं शिकायतों के निवारण के लिए प्रतिबद्ध एक विधेयक बुधवार को प्रस्तुत किया। शिकायत निवारण नागरिक अधिकार विधेयक, 2011 में सिटीजन चार्टर के उल्लंघन के मामलों, प्रत्येक सरकारी विभाग द्वारा सिटीजन चार्टर का क्रिन्यावयन, निश्चित समय पर सेवा न देने या शिकायत न दूर करने की स्थिति में लोकसेवकों के दायित्वों की पहचान एवं जुर्माना लगाना शामिल है। विधेयक के बारे में बात करते हुए केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री वी नारायणसामी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘सिटीजन चार्टर की व्याख्या विभागों द्वारा विभिन्न स्तरों पर की जाएगी। इसमें पंचायत, शहरी निकाय, राज्य एवं केंद्र शामिल हैं।

प्रत्येक विभाग में शिकायत निवारण अधिकारी होगा।’  विधेयक को कार्मिक विभाग की वेबसाइट पर 21 दिनों के लिए रखा जाएगा ताकि लोग इस पर अपना विचार व्यक्त कर सकें। उन्होंने कहा,’हम मंत्रिमंडल से स्वीकृति के बाद संसद के शीतकालीन सत्र (22 नवम्बर से 21 दिसम्बर) में इस विधेयक को पेश करना चाहेंगे।नारायणसामी ने कहा कि यह विधेयक समवर्ती सूची के अंतर्गत केंद्रीय कानून बनेगा और इसकी परिधि में सभी केंद्रीय योजनाएं एवं केंद्र सरकार के विभाग आएंगे। रमेश ने कहा कि यह विधेयक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन द्वारा प्रस्तुत अधिकार आधारित दृष्टिकोण के क्षेत्र में एक और मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक से लोगों को कानूनी अधिकार मिल जाएगा।

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