सिओल, 27 मार्च. दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विश्व समुदाय को पूरी साफगोई से आगाह किया कि परमाणु आतंकवाद एवं गुप्त प्रसार तब तक बड़ा खतरा बना रहेगा जब तक आतंकवादी परमाणु सामग्री और प्रौद्योगिकी तक अपनी पहुंच बनाने की ताक में रहेंगे.

सिओल परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए मनमोहन ने कहा, ‘परमाणु आतंकवाद और परमाणु तकनीक का गुप्त प्रसार अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं. भारत इस खतरे को लेकर बेहद सतर्क है.’ उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि परमाणु सुरक्षा की सबसे बेहतर गारंटी यही हो सकती है कि दुनिया ऐसे हथियारों से मुक्त हो. मनमोहन ने कहा कि जनसंहारक हथियारों तक आतंकवादियों को पहुंच कायम करने से महरूम रखने के लिए भारत की ओर से लाया गया प्रस्ताव साल 2002 से ही एकमत से स्वीकार कर लिया गया था . सिंह ने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रस्ताव संख्या 1540 और इसकी समिति के कार्यों को अपना समर्थन दिया था. इस प्रस्ताव में सरकार से इतर तत्वों तक रासायनिक, जैविक, रेडियोधर्मी एवं परमाणु हथियारों की पहुंच के खिलाफ कानूनी और विनियामक उपायों को अमली जामा पहनाने के प्रावधान हैं.

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