संसदीय जीवन के 50 वर्ष पूर्ण होने पर  कैलाश जोशी का अभिनंदन

भोपाल,15 फरवरी,नभासं. भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने आज कहा कि व्यक्ति की श्रेष्ठता उसके ज्ञान और चातुर्यता में नहीं, बल्कि  निस्वार्थ रहने और व्यक्तित्व के संतुलन में हैं. पूर्व उपप्रधानमंत्री यहां पूर्व मुख्यमंत्री एवं भोपाल के सांसद कैलाश जोशी के संसदीय जीवन के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे.

अभिनंदन के मौके पर भावुक हो गए जोशी ने कहा कि जीवन में मुझसे भी गल्तियां हुई हैं. जब तक शरीर काम करता रहे मैं संगठन और समाज के लिए काम करते रहना चाहता हूं. काम करते-करते प्राणांत हो तो जीवन को सफल समझूंगा. मुझमें जो भी श्रेष्ठ है संघ की देन है. कार्यक्रम में करीब डेढ़ घंटे देरी से पहुंचे आडवाणी ने बताया कि कर्नाटक के उच्च शिक्षामंत्री डॉ.आचार्य के देहावसान की सूचना मिलने पर उन्हें उडुपी जाना पड़ा. डॉ. आचार्य जनसंघ के संस्थापकों में से एक थे, वे राजनीति में अजात शत्रु और संत की भांति थे. आडवाणी ने कहा कि देश में दयानंद सरस्वती, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, गांधीजी और डॉ. हेडगेवार ऐसे संत हुए हैं जिन्होंने देश को महान बनाने का प्रयास किया .विवेकानंद ने कहा था कि चरित्रवान मनुष्यों के निर्माण की मशीन बनाई जाए. आरएसएस ने ऐसे ही चरित्रवान व्यक्तित्वों का निर्माण किया है.

हमें जहां-जहां राज करने का मौका मिला, अच्छा काम करके दिखाया है. मध्यप्रदेश भी देश के लिए उदाहरण बन रहा है. हम उप्र को भी बीमारू श्रेणी से बाहर निकालना चाहते हैं.  मप्र के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की तारीफ करते हुए आडवाणी ने कहा कि विनम्रता और सहजता उनके दो बढ़े गुण हैं. कार्यक्रम मेंं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कप्तान सिंह सोलंकी, नरेंद्र सिंह तोमर, पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा, बाबूलाल गौर, पूर्व राज्यसभा सदस्य कैलाश सारंग, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा, कई मंत्री, सांसद, विधायक, पार्टी पदाधिकारी मौजूद थे.

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