नई दिल्ली, 27 अप्रैल. क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर के संसद में पहुंचने की खबर के साथ ही देश की सियासत गरमा गई है। इस मामले में विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोल दिया है। शिवसेना ने कांग्रेस की नीयत पर ही सवाल उठाए हैं।

बीजेपी ने कहा कि सचिन को राज्यसभा में भेजने के बजाय पहले भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। वहीं, सीपीआई ने सरकार से पूछा है कि सचिन तोंडुलकर सांसद मनोनीत हो सकते हैं, तो सौरभ गांगुली क्यों नहीं? सचिन तेंडुलकर को राज्यसभा में मनोनीत करने के मुद्दे पर शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत में कहा है कि कांग्रेस अहम मुद्दों से ध्यान बांटने का काम कर रही है। उसका मन पवित्र नहीं होता है। कांग्रेस की नीति हमेशा से देश की हस्तियों का इस्तेमाल का फायदा उठाने की रही है। इसी नीति के तहत कांग्रेस सचिन की लोकप्रियता को भुनाना चाह रही है। उन्होंने कहा कि सचिन को सबसे पहले ‘भारत रत्न’ का सम्मान दिया जाना चाहिए। राउत ने कहा कि कपिल देव और सुनील गावस्कर जैसे संन्यास ले चुके कई क्रिकेटरों को राज्यसभा भेजा जा सकता था, लेकिन कांग्रेस ने अभी क्रिकेट खेल रहे सचिन का चुनाव किया है। वहीं, इस मुद्दे पर शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा है कि यह सचिन और कांग्रेस के बीच का मामला है और इसके बारे में वे दोनों ही जानें।

मैं इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं बता सकता हूं। बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस वक्त चारों तरफ से संकट से घिरी हुई है और ध्यान हटाने के लिए उसने यह पैंतरा फेंका है। बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे ने कहा कि सचिन का सम्मान ही करना था, तो उन्हें राज्यसभा सीट देने के बजाय ‘भारत रत्न’ दिया जाना चाहिए। सीपीआई के गुरुदास दासगुप्ता ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘मैं राज्यसभा के लिए तेंडुलकर को मनोनीत किए जाने के फैसला का स्वागत करता हूं। लेकिन, इसी के साथ जब सौरभ अपने बेहतर फॉर्म में हैं तो उनके नाम पर भी विचार किया जाना चाहिए था।’ उन्होंने कहा कि फिल्म कलाकारों और लेखकों के अलावा संस्कृति से जुड़े लोगों और कवियों को भी ऊपरी सदन में भेजा जाना चाहिए। दासगुप्ता ने कहा कि चूंकि भारत श्रमिकों का देश है, उद्योगपतियों को राज्यसभा में नहीं भेजा जाना चाहिए।

गौरतलब है कि संविधान के अनुच्छेद 80 में साहित्य, विज्ञान, कला और सामाजिक सेवाओं के क्षेत्र में विशेष ज्ञान वालों को मनोनीत करने का प्रावधान है। ऐसे 12 सदस्यों को राष्ट्रपति की तरफ से राज्यसभा में नामित किया जाता है, जिसमें 5 पद खाली थे। इनमें से 3 को भरने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन और 100 शतकों का रेकॉर्ड अपने नाम कर चुके सचिन राज्यसभा में प्रवेश करने के साथ ही कई रेकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सक्रिय रहते सांसद बनने का तमगा जोडऩे वाले वह पहले खिलाड़ी होंगे। भले ही उन्हें अभी क्रिकेट में सर का खिताब न मिला हो, लेकिन सांसद होने के नाते माननीय का दर्जा जरूर मिल जाएगा।

Related Posts: