• मध्यप्रदेश स्थापना दिवस कार्यक्रम में राज्यपाल ने की सरकार की तारीफ

हर साल मनाया जाएगा मध्यप्रदेश दिवस: मुख्यमंत्री, आशा भोंसले और हेमामालिनी रहीं खास आकर्षण

भोपाल, 1 नवंबर नभासं.   मध्यप्रदेश के 56वें स्थापना दिवस पर राजधानी का लाल परेड ग्राउंड प्रदेश के यशगान में झूम उठा. कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा मशहूर फिल्म अभिनेत्री हेमामालिनी का नृत्य और गायिका आशा भोंसले के दिल को छू लेने वाले तराने.

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि विकास के लिए राजनैतिक सहमति जरूरी है. साथ ही सरकार और समाज दोनों को मिलकर कार्य करना होगा. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बीते कुछ वर्षों में किये गये कार्यों की बदौलत यह प्रदेश विकास की यात्रा में आज पहली कतार में आ चुका है. उन्होंने प्रदेश सरकार के काम की तारीफ करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में किसानों के कल्याण के लिए बहुत सराहनीय कार्य किये जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम तथा महिला सशक्तिकरण की दिशा में किये जा रहे कार्यों ने मध्यप्रदेश को देश में एक नई पहचान दी है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेशवासियों में प्रदेश के प्रति अपनत्व और गौरव का भाव बढ़ाने के लिए हर साल मध्यप्रदेश दिवस मनाया जायेगा. उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने कर्त्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें.

उन्होंने सभी नागरिकों से बेटी बचाओ अभियान में पूरा सहयोग देने का आग्रह भी किया. साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 34 हजार रुपये हो गई है. उन्होंने कहा कि इन सब उपलब्धियों का श्रेय मध्यप्रदेश के लोगों को जाता है. संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकान्त शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह का उद्देश्य प्रदेश के प्रति अपनेपन और गौरव का भाव बढ़ाना है. भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य प्रभात झा ने कहा कि यह समारोह मध्यप्रदेश की माटी, यहां के महापुरूषों, नदियों, मस्जिदों, गिरिजाघरों तथा सात करोड़ जनता की पूजा है.

हेमा-आशा ने बांधा समा- मैदान में मौजूद करीब डेढ़ लाख लोगों ने रात करीब साढ़े नौ बजे से शुरू हुए हेमा मालिनी के नृत्य कार्यक्रम का जमकर लुत्फ उठाया. आशा भोंसले ने जैसे ही दिलकश आवाज में सुरों को छेड़ा मैदान तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा. समारोह का मंच महेश्वर के मंदिरों और स्थापत्य पर आधारित था. इस अवसर पर बेटी थीम पर आधारित लेजर शो ”अनन्या”व शुभ्रा नृत्य नाटिका का आयोजन खास तौर पर किया गया.

Related Posts: