हंगामा कर रहे विधायक निलंबित, टेबलेट एफ एसएल जांच के लिए भेजा

गांधीनगर, 21 मार्च. गुजरात विधानसभा में अश्लील फिल्म देखने के आरोप का मामला अब तूल पकडऩे लगा है। विपक्षी दल कांग्रेस के हंगामे के बीच स्पीकर ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी विशेषाधिकार कमेटी को सौंपी गई है।

आरोपी विधायक शंकर चौधरी के टैबलेट को भी एफएसएल जांच के लिए भेज दिया गया है। सदन में आज हंगामा कर रहे कांग्रेस के सभी विधायकों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है। गुजरात प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि इसमें हैरानी की कोई बात नहीं है क्योंकि बीजेपी के विधायक ही ऐसा कर सकते हैं। कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया ने कहा, मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार की यही हकीकत है। पहले कर्नाटक में ऐसा हुआ, अब गुजरात में भी ऐसा हुआ। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा विधायकों की इस करतूत से देश और गुजरात की गरिमा का हनन हुआ है। इस पूरे मामले की जांच इन हाउस कमेटी बनाकर होनी चाहिए।

क्या है मामला

मंगलवार को सदन के पहले सत्र की बैठक पूरी होने में करीब एक घंटे का वक्त था। तभी भाजपा विधायक शंकर चौधरी अपने टैबलेट के साथ सदन में आए और अपनी सीट पर जा बैठे। चौधरी के पास ही सहेरा के विधायक जेठाभाई भरवाड़ भी बैठे थे। जेठाभाई भरवाड़ टैबलेट पर सर्फिग कर अश्लील फिल्म देखने लगे। यह सब खेल देख रहे पत्रकारों ने स्पीकर तक बात पहुंचाई। बात जब स्पीकर तक पहुंची तो उन्होंने विधायक तक संदेश भेजकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की।

मोदी सरकार को झटका

नई दिल्ली, 21 मार्च. गुजरात में नरेंद्र मोदी सरकार को झटका देते हुए विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को मानसा विधानसभा सीट पर 8 हजार वोटों से जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी बाबूजी ठाकुर ने विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी डी.डी. पटेल को मात दी। हालांकि इस सीट पर नए विधायक का कार्यकाल केवल 8 महीने रहेगा क्योंकि इस साल दिसंबर में अगले विधानसभा चुनावों से पहले यह अंतिम महत्वपूर्ण चुनाव था लेकिन यह चुनाव दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया था। यह विधानसभा सीट गांधीनगर के अंतर्गत आती है।

मोदी सरकार को झटका

नई दिल्ली, 21 मार्च. गुजरात में नरेंद्र मोदी सरकार को झटका देते हुए विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को मानसा विधानसभा सीट पर 8 हजार वोटों से जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी बाबूजी ठाकुर ने विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी डी.डी. पटेल को मात दी। हालांकि इस सीट पर नए विधायक का कार्यकाल केवल 8 महीने रहेगा क्योंकि इस साल दिसंबर में अगले विधानसभा चुनावों से पहले यह अंतिम महत्वपूर्ण चुनाव था लेकिन यह चुनाव दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया था। यह विधानसभा सीट गांधीनगर के अंतर्गत आती है।

येदि का अल्टीमेटम

नई दिल्ली। बीएस येदियुरप्पा एक बार फिर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। सूत्रों की माने तो अगले 24 घंटों में भाजपा हाईकमान राज्य के मुखिया के तौर पर येदियुरप्पा के नाम का ऐलान कर सकता है।

खबरों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व सूबे में सरकार बचाने के लिए येदियुरप्पा को फिर से मुख्यमंत्री बनाने पर राजी हो गया है। येदियुरप्पा पहले ही दोबारा मुख्यमंत्री बनाने को लेकर पार्टी हाईकमान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे चुके हैं। येदियुरप्पा को पिछले दिनों जमीन घोटाले और अवैध खनन में नाम आने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। पार्टी ने उनकी जगह पर सदानंद गौड़ा को राज्य की कमान सौंपी थी।

अंतर्कलह के बाद मिश्रा पीछे हटे

नई दिल्ली, 21 मार्च. राज्यसभा उम्मीदवारों के मुद्दे पर भाजपा में शीर्ष स्तर पर शुरू हुआ घमासान फिलहाल थमता नहीं दिख रहा है।

भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने राज्यसभा के चुनावों में वोट ना देने का फैसला किया है। पार्टी के नेता निर्दलीय उम्मीदवार अंशुमान मिश्रा को समर्थन देने से नाराज हैं। हालात संभालने के लिए संसदीय दल के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने सदस्यों को आश्वस्त किया था कि वे खुद इस मामले पर पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी से बात करेंगे। अंतत: पार्टी ने निर्णय लिया कि झारखंड में अंशुमान मिश्रा को समर्थन नहीं दिया जाएगा। विवाद के बाद अब झारखंड से निर्दलीय प्रत्याशी अंशुमान मिश्रा राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। सूत्रों के अनुसार मिश्रा गुरुवार को अपना नामांकन वापस लेंगे। मिश्रा ने  कहा कि भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी और अन्य के साथ विचार विमर्श के बाद मैंने पीछे हटने का फैसला किया।

यशवंत नाराज

पार्टी संसदीय दल की बैठक में यशवंत सिन्हा, सुषमा स्वराज सहित बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं ने झारखंड में अंशुमान को समर्थन दिए जाने का विरोध किया था। सिन्हा ने कहा, जब झारखंड में भाजपा की सरकार है तब भी पार्टी ने उम्मीदवार क्यों नहीं उतारा? उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार अंशुमान मिश्र को भाजपा के समर्थन का जोरदार विरोध करते हुए कहा कि क्या यही पार्टी की नीति है? यशवंत सिन्हा ने बजट पर बोलने से भी इनकार कर दिया था ।किन सिन्हा के मुताबिक वह भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाना चाहते थे. लेकिन अंशुमान मिश्रा की उम्मीदवारी के बाद उनके लिए यह मुमकिन नहीं होगा।

पहले विवेकानंद, फिर….
मामले की शिकायत स्पीकर तक करने वाले पत्रकार का दावा है कि बीजेपी विधायकों ने अपने टैबलेट पर सबसे पहले विवेकानंद की तस्वीर देखी। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की आपत्तिजनक तस्वीर देखी। इसके बाद अश्लील वीडियो देखने लगे। स्थानीय पत्रकार जनकभाई पुरोहित का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत स्पीकर से की लेकिन विधायक 20 मिनट तक अश्लील वीडियो देखते रहे। भाजपा सांसद तरुण विजय ने कहा है कि इस मामले में सीएम नरेंद्र मोदी कार्रवाई करेंगे। वहीं पार्टी प्रवक्ता बलबीर पुंज ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कर्नाटक की तरह गुजरात में भी भाजपा विधायकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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