कैबिनेट बैठक : पर्यटन, वेयरहाउसिंग और तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास नीति को मंजूरी

राज्य नगरीय सेवा के लिए 566 पद स्वीकृत, नर्मदा जल प्रदाय योजना के लिए देना होगा नर्मदा कर

भोपाल,4 सितंबर,नभासं.मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज सम्पन्न मंत्रि-परिषद् की बैठक में सर्व शिक्षा अभियान में प्राथमिक शालाओं में प्रोन्नत शिक्षा गारंटी स्कूलों में कार्यरत ऐसे गुरुजियों के मानदेय में 1100 रुपये की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया, जो पृथक से ली गई परीक्षा में असफल रहने से संविदा शाला शिक्षक श्रेणी पद पर नियुक्त नहीं हो सके.

इस वृद्धि के फलस्वरूप इन गुरुजियों को 3600 रुपये प्रतिमाह मानदेय प्राप्त होगा. यह वृद्धि एक अप्रैल 2012 से प्रभावशील होगी. मंत्रि-परिषद् के निर्णय के अनुसार अब निवेश क्षेत्रों में भू-खण्डीय विकास के लिए न्यूनतम क्षेत्र दो हेक्टेयर करना आवश्यक होगा. ग्रुप हाउसिंग अपार्टमेन्ट के विकास के लिए मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के प्रावधान लागू होंगे.
नगरीय सेवा के लिए पदों को मंजूरी

मंत्रि-परिषद् ने राज्य नगरीय (वित्त) सेवा के गठन के लिए 566 पद स्वीकृत किए. इनमें उप संचालक के 10, लेखाधिकारी 30, सहायक लेखाधिकारी 122 तथा लेखापाल के 404 पद शामिल हैं. मंत्रि-परिषद् ने भोपाल की नर्मदा जल प्रदाय योजना के क्रियान्वयन और इसके बाद इसके संधारण एवं संचालन के लिए नगर पालिक निगम भोपाल को निधि उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से नर्मदा कर की दरें अनुमोदित की.

निगम द्वारा नवीन विकसित होती कालोनियों एवं भवनों की भवन अनुज्ञा जारी करते समय नर्मदा कर वसूला जाएगा. निर्णय के अनुसार, 500 वर्ग फीट की भवन अनुमति तक नर्मदा कर की दर शून्य रहेगी. पाँच सौ से 1000 वर्ग फीट तक एक रुपये प्रति वर्ग फीट, 1000 से 1500 वर्ग फीट तक दो रुपये प्रति वर्ग फीट, 1500 से 3000 वर्ग फीट तक 4 रुपये प्रति वर्ग फीट, 3000 से 4000 वर्ग फीट तक 6 रुपये प्रति वर्ग फीट और 4000 से ऊपर तक 15 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से नर्मदा कर वसूल किया जाएगा. मंत्रि-परिषद् ने शासकीय भवनों, परिसरों की संपत्तियों के अभीष्ट उपयोग के लिए गारंटी आधारित विकास योजना लागू किए जाने को मंजूरी दी.

नीतियों को मंजूरी
मंत्रि-परिषद् की बैठक में पर्यटन, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स तथा तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास नीतियों को मंजूरी दी गई. राज्य पर्यटन नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है. हेरिटेज होटल के लिए अनुदान की व्यवस्था की गई है. इसके अनुसार निजी स्वामित्व वाले भवनों को यदि भवन स्वामी अथवा अन्य निवेशक द्वारा हेरिटेज होटल में परिवर्तित कर संचालित किया जाता है तो किए गए पूंजीगत व्यय का 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा. इसमें भूमि का मूल्य शामिल नहीं है. पूंजीगत व्यय का 25 प्रतिशत अनुदान अथवा 1.50 करोड़ रुपये जो भी कम हो, देय होगा.भोपाल और इंदौर में प्राथमिकता आधार पर बड़े एवं जबलपुर, ग्वालियर में मध्यम स्तर के कन्वेंशन सेंटर बनाए जाएँगे.

वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिकस नीति
मंत्रि-परिषद् ने प्रदेश की वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिकस नीति 2012 को स्वीकृति दी. इसका उद्देश्य प्रदेश में भण्डारण और लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने के उद्देश्य से निजी पूँजी निवेश के माध्यम से 2 वर्ष में 20 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त भण्डारण व्यवस्था करना है. वर्तमान क्षमता 91 लाख मीट्रिक टन है. आगामी वर्षों में 60 लाख मीट्रिक क्षमता निर्माण किया जाना प्रस्तावित है.

नीति में नये प्रस्तावित उद्योगों के क्षेत्र में 10 प्रतिशत भूमि के आरक्षण का प्रावधान है. दस जिलों में न्यूनतम 50 एकड़ भूमि में वेयरहाउसिंग जोन की स्थापना की जाएगी. वेयरहाउस के लिए भूमि आंवटन लघु उद्योगों के लिए निर्धारित दर पर किया जाएगा. वेयरहाउसिंग निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक के पूंजी निवेश पर 15 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान दिया जाएगा जिसकी अधिकतम सीमा 2.25 करोड़ रुपये होगी.

पाँच प्रतिशत की दर से सात वर्ष के लिए ब्याज अनुदान दिया जाएगा जिसकी अधिकतम सीमा 1.70 करोड़ रुपये होगी. पूर्व निर्मित इकाइयों के एक करोड़ से अधिक विस्तार निवेश को नई इकाई के रूप में मान्यता दी जाएगी. साइलो निर्माण पर पूंजीगत लागत की 20 प्रतिशत वीजीएफ का प्रावधान किया गया है. पाँच वर्ष की व्यवसाय गारंटी दी जाएगी. नीति में 20 लाख मीट्रिक टन क्षमता निर्माण में से 15 लाख मीट्रिक टन गोदामों तथा 5 लाख मीट्रिक टन साइलो बैग के माध्यम से की जाएगी. इसमें कुल निवेश 1231 करोड़ रुपये संभावित है जिसमें 173 करोड़ रुपये अनुदान होगा.

तकनीकी एवं कौशल विकास नीति
मंत्रि-परिषद् ने तकनीकी एवं कौशल विकास नीति-2012 में संशोधन को मंजूरी दी. राष्ट्रीय कौशल विकास निगम में 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान 48 लाख व्यक्ति को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है. इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शासकीय एवं निजी क्षेत्र में उपलब्ध प्रशिक्षण अधोसंरचनाओं तथा निजी क्षेत्र के अनुभव का उपयोग किया जाएगा.

संशोधन के अनुसार आईटीआई विहीन विकासखण्ड में आईटीआई स्थापित करने के लिए अधिकतम 5 एकड़ शासकीय भूमि 30 वर्ष की लीज पर नि:शुल्क दी जाएगी. पूंजीगत निवेश पर अनुदान की व्यवस्था की गई है. पूंजीगत लागत (उपकरण एवं भवन सहित) का 25 प्रतिशत की सीमा तक हाई एण्ड आईटीआई के लिए और 20 प्रतिशत की सीमा तक सामान्य आईटीआई के लिए अनुदान तीन समान किश्तों में निर्धारित शर्तों के अनुसार दिया जाएगा.

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