• 542वीं जयंती पर हुए कई आयोजन, शबद कीर्तन व गुरुवाणी का हुआ पाठ,

    • माथा टेक संगत हुई निहाल, हुआ लंगर का भी आयोजन

भोपाल 10 नवंबर. नभासं गुरनानक देव का प्रकाश पर्व आज राजधानी में पारंपरिक हर्षोल्लास के साथे मनाया गया और शाम को बिजली की सजावट कर आतिशबाजी की गई.इस अवसर पर गुरुद्वारा गुरनानक टेकरी ईदगाह हिल्स पर श्रद्धालुओं ने गुरुनानक देव की चरण पादुका पर माथा टेक कर पुष्प अर्पित किये और मोमबत्तियां जलाकर उन्हें याद किया.

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रकाशोत्सव पर गुरद्वारा हमीदिया रोड में जाकर गुर चरणों में मत्था टेका. संत ज्ञानी दिलीप सिंह ने चौहान को शाल सरोफा भेंट कर सम्मानित किया. गुरूनानक देव का प्रकाश पर्व राजधानी में गुरूनानकसर हमीदिया रोड भोपाल में शब्द कीर्तन गुरूवाणी का पाठ सुनकर संगत निहाल हुई. गुरूनानक टेकरी ईदगाह हिल्स पर श्रद्घालुओं ने गुरूनानकदेव की चरण पादुका पर माथा टेका एवं फूल अर्पित किये. मुख्यमंत्री निवास पर कल शाम 6.30 बजे से गुरूनानक जयंती मनाई जाएगी. गुरूग्रंथ साहब का प्रकाश होगा और कीर्तन दरबार सजेगा. मध्यप्रदेश के मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान, वनमंत्री सरताज सिंह, रमेश शर्मा, जिला कांग्रेस कामेटी के अध्यक्ष पीसी शर्मा, फादर आनंद मुटंगल सहित हजारों श्रद्घालुओं ने अपनी श्रद्घा के फूल गुरूग्रंथ साहिब गुरूनानक के चरणों में भेंट किया और उनके चरणों में माथा टेका.गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष ज्ञानी दिलीप सिंह, प्रवक्ता गुरूचरण सिंह अतिथियों का हार फूल पहनाकर सरोपा भेंट कर सम्मान किया.  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं गुरूनानक देव के प्रकाश पर्व पर मध्यप्रदेश की जनता को बधाई देता हूं कि प्रदेश में खुशहाली हो और हर इंसान के जीवन में तरक्की हो और मध्यप्रदेश तरक्की के पथ पर चले मैं ऐसी कामना करता हूं.

इस अवसर पर विशेष रूप से स्वर्ण मंदिर अम्रतसर से हजूरी रागी जत्था भाई तजिंदर सिंह, अमेरिकन सिख ने कीर्तन में कहा कि ज्ञान ध्यान किछ करम न जाना सार न जाना तेरी, सबते बड्डा सदगुरू नानक जिनकल राखी मेरी एवं साचा साहेब सद् मेहर वान, बंद पाया मेरे सद् गुरू पर्रे होई सरब कल्याण, आदि गाकर संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया. कथा वाचक एवं प्रचारक सुखदेव सिंघ तुड़ इंचार्ज युपी सिख मिशिन जिला हावड़ा ने प्रवचन में कहा कि बानी गुरू गुरू है बानी, विच बानी अम्रत सारे गुरूबानी कहे सेवक जान माने, परथक गुरू निस्तारे, उन्होने कहा कि धुर की बानी आई तिन सगली चित मिटाई, उन्होने कहा कि सच की आवाज को बढ़ाया जा रहा था पाप बढ़ गये, धरती से पुकार हुई परमात्मा ने धरती पर गुरूनानक देव का 1469 को कत्तक पूर्णमासी के दिन गुरू जी का प्रकाश हुआ.  कार्तिक की पूर्णमासी पर जब चांद पूरा चढ़ा हुआ था तो उनका आज के दिन ही आगमन हुआ था.

आज का दिन यादगार हो गया. उन्होंन कहा की सतगुरू परगटया मिटटी धुन्ध जग चानन हुआ ज्योकर सूरज निकल्या तारे छुपे अंधेर पलोआ उन्होने कहा कि जब गुरूनानक दुनिया में आए तो वह मुस्कारा रहे थे. उन्होन कहा कि नंद लाल ने कहा था कि सच की संगत से वह दौलत मिलती है जो खत्म नहीं होती. उन्होन कहा की जिसमें होंमे आ जाती हैवह अहंकारी विकार खड़े कर देता है. अहंकारी कभी जनता का भला नहीं कर सकता. उन्होने कहा कि गुरूग्रंथ साहिब में सच की बाणी दर्ज है. उन्होने कहा की सच का प्रचार करना है, सच्चे गुरू के बिना परमातमा की प्राप्ती नहीं होती. उन्होने कहा की कलयुगी जीवों को गुरूनानक ने सच का रास्ता दिखलाया. हमें अरदास में मांगना आना चाहिये, उन्होनें कहा की विरथी कदै न होवई जनकी अरदास नानक जोर गोविन्द का पूरन गुन तास. उन्होने कहा कि हमें अरदास करनी आना चाहिये उस परमात्मा से मांगना आना चाहिये. उन्होने कहा की गुरू नानक देव आये हमारे बीच फिर कहीं नही गए. आज भी हमारे बीच गुरूग्रंथ साहिब को खोलकर देखो गुरूनानक देव के दर्शन हो जायेंगे. हमारा हीरे जैसा जन्म है और कोढ़ी बदले जाए. रात की दीवान की समाप्ती के बाद गुरूद्वारा प्रबंध कमेटी द्वारा भव्य रंगविरंगी आमानी आतिशबाजी का आयोजन किया गया.

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