मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को यह श्रेय जाता है कि उन्होंने राज्य में तम्बाखू गुटका पर प्रतिबंध लगा दिया और उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही सतत् जारी है. यह तो सभी के अनुमानों में था कि इसके बाद तम्बाखू गुटका भूमिगत हो जायेगा और लुके छिपे वह मिलता भी रहेगा.

अन्य राज्यों ने भी मध्यप्रदेश का अनुसरण करते हुए उनके राज्यों में भी तम्बाखू गुटकों पर प्रतिबंध लगा दिया है. जब सारे भारत में यह प्रतिबंधित हो जायेगा, तो निश्चित ही स्वास्थ्य की इस बहुत जोखिम तम्बाखू गुटका को पूरी तौर पर खत्म करने में मदद मिलेगी. जैसे मद्य निषेध राज्य में दूसरे राज्यों से अवैध शराब आने लगती है उसी तर्ज पर इन दिनों मध्यप्रदेश में उत्तर प्रदेश से भारी संख्या में गुटका पाउच आ रहा है. राज्य में कई स्थानों पर लाखों रुपयों का तम्बाखू गुटका पकड़ा जा रहा है. कुछ जो बच निकलता है वह पान दुकानों व ठेलों पर काउंटर के नीचे से बेचा जा रहा है. ऐसी दुकानें व ठेले ऊपरी तौर पर पान गुटका लटकाते हैं और नीचे छुपाकर तम्बाखू गुटका रखते हैं. इसके भाव भी 3 रुपये के स्थान पर इन दिनों 10 रुपये तक हो गये हैं लेकिन इसे अभियान की असफलता न माना जाए. प्रतिबंध से इसके प्रयोग में काफी कमी आई है. इनके विरुद्ध सतत् कार्यवाही चलती ही रहती है.

पान की दुकानों पर ठेलों पर लगातार छापा मार कार्यवाही चलती रहे. अभी इसकी बिक्री पर रोक है. अब इसके खाने को भी अपराध बना दिया जाए. इसका उपयोग लगातार कम करते रहने के लिए प्रयास चल रहे हैं. जब गुटके की उपलब्धता कम होती जायेगी, उस हालत में इसके खाने वाले भी कम हो जायेंगे. यह भी देखने में आ रहा है कि कई लोगों ने तम्बाखू गुटका खाना छोड़ भी दिया है.

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