लाहौर, 11 अप्रैल. जमात-उद-दावा के प्रमुख और 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज मोहम्मद सईद ने कहा है कि वह अमेरिका के डर से भूमिगत नहीं होगा. अमेरिका की ओर से अपने ऊपर एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किए जाने के बाद बेफिक्र सईद ने यह फैसला लिया है.

सूत्रों का कहना है कि पहले सईद के दोस्तों ने इस प्रमुख कट्टरपंथी को सलाह दी थी कि उसे कुछ दिनों के लिए अंडरग्राउंड हो जाना चाहिए. पिछले हफ्ते ही अमेरिका ने सईद पर इनाम की घोषणा की है. जमात-उद दावा के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसके संगठन का मानना है कि अगर सईद भूमिगत हो जाता है तो संगठन और उसकी छवि दोनों पर ही बुरा असर पड़ेगा. पाकिस्तान के सभी राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने यही कहा है कि लश्क-ए-ताइबा के संस्थापक सईद को भूमिगत नहीं होना चाहिए. जेयूडी का दावा है कि सईद को कई प्रमुख पार्टियों पीएमएल-एन, पीएमएल-क्यू, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ और जमीयत उलेमा-ए- इसलाम का समर्थन हासिल है. इस संगठन के सदस्य ने पीटीआई को फोन पर बताया कि लगभग 40 दलों और संगठनों के नेता सईद के नेतृत्व में बने बैनर दिफा-ए-पाकिस्तान के साथ हैं, उनसे कहा गया है कि वह अमेरिका और भारत के खिलाफ लोगों के प्रोत्साहित करें.

जेयूडी सदस्य ने कहा कि विभिन्न लोग मामले को अलग-अलग तरीके से पेश कर रहे हैं, सईद को पीएमएल-एन के चौधरी निसार अली खान, पीएमएल-क्यू के चौधरी शुजात हुसैन, इमरान खान की पार्टी के जावेद हाशमी और जेयूई के के फजलुर रहमान ने फोन किया है और एकजुटता जताई है. उसने कहा कि विभिन्न दलों के नेताओं का समर्थन मिलने के बाद कोई भी छिप कर रहना नहीं पसंद करेगा.

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