नई दिल्ली, 29 जून. मुंबई में 26/11 को हुए हमले के आरोप में गिरफ्तार जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू हमजा उर्फ अबू जुंदाल को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक जबीउद्दीन की पहचान हो सके इसके लिए जो डीएनए टेस्ट कराया गया वो बेहद खुफिया तरीके से हुआ. सूत्रों से जानकारी मिली है कि जबीउद्दीन के परिवार को जानकारी दिए बिना उसके पिता के ब्लड सैंपल ले लिए गए.

इसके लिए बकायदा पूरा जाल बिछाया गया. मुंबई पुलिस के एक बड़े अधिकारी को इस ऑपरेशन में लगाया गया. इस पुलिस अधिकारी ने बीड में मौजूद मुखबिरों की पूरी लिस्ट निकाली.  इसी लिस्ट में एक मुखबिर को ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया. मुखबिर को कहा गया कि वो जबीउद्दीन के पिता से किसी न किसी बहाने झगड़ा करता रहे और इसी दौरान एक दिन ऐसा हो कि उसके पिता को हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़े. तय योजना के मुताबिक ऐसा ही हुआ और जब एक दिन जबीउद्दीन का पिता अस्पताल पहुंचा तो डीएनए टेस्ट के लिए उसका ब्लड सैंपल ले लिया गया.

डीएनए टेस्ट की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि पाकिस्तान जबीउद्दीन को भारत को नहीं सौंपने के लिए सऊदी अरब पर दबाव बना रहा था. पाकिस्तान का दावा ये था कि सऊदी अरब में रह रहा शख्स जबीउद्दीन नहीं रियासत अली है जो कराची का रहने वाला है. लेकिन डीएनए टेस्ट के बाद पाकिस्तान का दावा झूठा निकला और जबीउद्दीन को भारत लाया गया. हालांकि अबू हमजा की मां ने बीड में बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात का खंडन किया था कि जबीउद्दीन की पहचान के लिए उसके परिवारवालों के खून के नमूने लिए गए. जबीउद्दीन की मां रेहाना बेगम ने कहा था,  यह सरासर गलत बात है, हमारा कभी डीएनए टेस्ट नहीं हुआ और न ही खून के नमूने लिए गए.

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