कोलंबो, रोहित शर्मा की फार्म में वापसी पर खेली गई उम्दा पारी के बाद हरभजन सिंह की उंगलियों की जादूगरी से भारत ने आईसीसी ट्वंटी20 चैंपियनशिप में रविवार को इंग्लैंड को 90 रन से करारी शिकस्त देकर इस प्रारूप में अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की.

पिछली सात अंतरराष्ट्रीय पारियों में केवल 18 रन बनाने वाले रोहित ने 33 गेंद पर नाबाद 55 रन की उम्दा पारी खेली. सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने 38 गेंद पर 45 रन बनाकर फार्म में लौटने की कोशिश की जबकि सदाबहार विराट कोहली ने 32 गेंद पर 40 रन बनाकर अपनी बेहतरीन फार्म बरकरार रखी. इससे भारत बल्लेबाजी का न्यौता मिलने पर चार विकेट पर 170 रन बनाने में सफल रहा.

इंग्लैंड तो किसी भी समय लक्ष्य हासिल करने की स्थिति में नहीं दिखा. पहले इरफान पठान ने उसे झटके दिए और बाद में उसके बल्लेबाज हरभजन और पीयूष चावला के सामने असहाय दिखे. क्रेग कीसवेटर के 35 रन के बावजूद इंग्लैंड की पूरी टीम 14.4 ओवर में 80 रन पर ढेर हो गई. यह ट्वंटी20 क्रिकेट में उसका न्यूनतम स्कोर है. इससे पहले उसने वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछले साल ओवल में 88 रन बनाए थे. ऑफ स्पिनर हरभजन ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 12 रन देकर चार विकेट लिए जो भारत के किसी भी गेंदबाज का इस प्रारूप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. उन्होंने आरपी सिंह का रिकार्ड तोड़ा जिन्होंने 2007 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन में 13 रन देकर चार विकेट लिए थे. हरभजन के अलावा लेग स्पिनर चावला और तेज गेंदबाज पठान ने दो-दो विकेट हासिल किए. भारत की यह ट्वंटी-20 में रनों के लिहाज से बड़ी जीत है जिससे वह सुपर आठ में बढ़े मनोबल के साथ कदम रखेगा. भारत की इससे पहले बड़ी जीत 39 रन से थी जो उसने इसी साल अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ पाल्लेकेल में दर्ज की थी.

भारत सुपर आठ में अपना पहला मैच 28 सितंबर को कोलंबो में आस्ट्रेलिया से खेलेगा. हरभजन ने एक साल बाद वापसी करके साबित कर दिया कि वह टीम के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं. भारत को हालांकि शुरुआती सफलता पठान ने दिलाई. उन्होंने पहले ओवर में ही स्विंग लेती गेंद पर अलेक्स हालेस की गिल्लियां बिखेरी. उन्होंने फिर पिछले मैच में नाबाद 99 रन की पारी खेलने वाले ल्यूक राइट (चार गेंद पर छह रन) को एलबीडब्ल्यू आउट करके उन्हें पिछली गेंद पर छक्का जडऩे की सजा दी.

कीसवेटर ने अगले दो ओवर में अशोक डिंडा और पठान को निशाना बनाया तो कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने तुरंत ही दोनों छोर से स्पिन आक्रमण लगा दिया जिसके बाद इंग्लैंड के कमजोर पक्ष की कलई खुलने में देर नहीं लगी. हरभजन ने अपनी दूसरी गेंद पर ही इयोन मोर्गन को छकाकर बोल्ड कर दिया. चावला ने जानी बेयरस्टॉ और कीसवेटर (25 गेंद चार चौके, दो छक्के) को आउट करके जतला दिया कि वह टीम के केवल लकी मस्कट ही नहीं हैं. बेयरस्टॉ उनकी गुगली नहीं समझ पाए तो कीसवेटर ने लेग ब्रेक पर स्लिप में कैच थमाया.

हरभजन ने टिम ब्रेसनन, जोस बटलर (11) और ग्रीम स्वान को आउट करके अपने करियर में पहली बार चार विकेट लेने का कारनामा दिखाया. जाडे डर्नबाक (12) रन आउट होने से पहले दोहरे अंक में पहुंचने वाले तीसरे इंग्लिश बल्लेबाज बने. इससे पहले भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने वीरेंद्र सहवाग, जहीर खान और रविचंद्रन अश्विन जैसे तीन मुख्य खिलाडिय़ों को बाहर बिठाकर पहले ही संकेत दे दिए थे कि वह इस मैच को प्रयोग के तौर पर ले रहे हैं. इसके बाद पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने पर उन्होंने इरफान पठान से पारी का आगाज करवाकर भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की कुछ पुरानी यादों को ताजा किया.
पठान (आठ गेंद पर आठ रन) हालांकि नहीं चल पाए और स्टीवन फिन (33 रन देकर दो विकेट) की फुललेंथ गेंद पर उनकी गिल्लियां बिखर गयी.

पिछले कुछ मैचों में असफल रहने के कारण दबाव में चल रहे गंभीर ने जाडे डर्नबाक पर दूसरे ओवर में लगातार दो चौके जड़कर हाथ खोले लेकिन पठान के आउट होने के बाद नए बल्लेबाज कोहली ने रन बनाने का मुख्य जिम्मा संभाला. कोहली ने फिन पर चौका जड़कर खाता खोला और इसके बाद जब भी उन्हें मौका मिला तब उन्होंने गेंद को सीमा रेखा के दर्शन कराए. आफ स्पिनर ग्रीम स्वान (17 रन देकर एक विकेट) ने गंभीर और कोहली पर अच्छा दबाव बनाया और इसका फायदा उन्हें आखिर में मिल भी गया. गंभीर इस आफ स्पिनर की गेंद पर स्टंप आउट होने से बचे लेकिन उन्होंने उसी ओवर में कोहली को गलत शाट खेलने के लिए उकसाया और इस युवा बल्लेबाज को बड़ी पारी नहीं खेलने दी. कोहली ने अपनी पारी में छह चौके लगाए.

स्वान का यह ओवर घटनाप्रधान रहा जिसकी आखिरी गेंद पर उन्होंने गंभीर के खिलाफ एलबीडब्ल्यू की विश्वसनीय अपील की. गंभीर की संघर्षपूर्ण पारी का अंत आखिर में फिन ने किया. उनकी धीमी आफ कटर गंभीर के बल्ले का किनारा लेकर विकेट के पीछे गई और क्रेग कीसवेटर ने डाइव लगाकर उसे लपक लिया. गंभीर अपनी पारी में पांच चौके ही लगा पाए. दर्शकों को युवराज सिंह और ब्राड के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबले का इंतजार था लेकिन कप्तान धौनी ने फिर से बल्लेबाजी लाइनअप में थोड़ा फेरबदल किया और वह खुद ऊपरी क्रम में खेलने के लिए आए. धौनी आठ गेंद पर केवल नौ रन ही बना पाए. रोहित ने इस बीच ब्राड के एक ओवर में दो चौके और फिर डर्नबाक के आखिरी ओवर में पहले छक्का और फिर चौका जमाया.

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