नई दिल्ली, 12 अक्टूबर. मौजूदा समय में टीम इंडिया के सबसे सफल स्पिन गेंदबाज और टर्बनेटर के नाम से मशहूर हरभजन सिंह इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो वनडे मैच के लिए टीम में नहीं चुने जाने से मायूस नहीं बल्कि हैरान हैं. शुक्रवार से शुरू हो रही पांच मैचों की वनडे सीरीज के पहले दो मैच में भज्जी को टीम से बाहर कर दिया गया है.

हरभजन ने कहा कि मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं आहत था. मैं इसके बजाय हैरान था. मैं युवा खिलाडिय़ों को ऑल द बेस्ट कहता हूं. मैं अपना अनुभव उनके साथ साझा करने में काफी खुशी महसूस करता जैसे मेरी मदद सचिन तेंदुलकर, अनिल कुंबले और सौरव गांगुली ने की थी जब मैं शुरुआत कर रहा था. इंग्लैंड के निराशाजनक दौरे के बाद टीम से बाहर किए गए हरभजन ने कहा कि भारतीय टीम का हिस्सा नहीं रहने के बावजूद वह अपने साथी खिलाडिय़ों को इंग्लैंड से आगामी पांच मैचों की सीरीज में बदला चुकता करते हुए देखना चाहते हैं. वनडे सीरीज शुक्रवार से हैदराबाद में शुरू हो रही है. इंग्लैंड ने हाल में भारत को टेस्ट सीरीज में 0-4 से शिकस्त दी थी और पांच मैचों की वनडे सीरीज में भी टीम इंडिया को 0-3 से हार का मुंह देखना पड़ा था. इंग्लैंड में हरभजन का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था जिसमें उन्होंने 69.4 ओवर में 143.50 के औसत से केवल दो विकेट चटकाए थे और उनका इकोनोमी रेट 4.11 रहा था. इसके बाद दूसरे मैच के दौरान उनके पेट में चोट लग गई थी और उन्हें बचे हुए पूरे दौरे से बाहर होना पड़ा. उन्होंने कहा कि हरभजन सिंह के कोई मायने नहीं है. महत्वपूर्ण यह है कि भारत को आगामी पांच मैचों की वनडे सीरीज में इंग्लैंड को हराना चाहिए और बदला चुकता करना चाहिए जिसका मुझे पूरा भरोसा है कि वह अगले दो हफ्तों में ऐसा कर लेंगे.

हरभजन ने कहा आखिरकार हम सभी देश के लिए खेल रहे हैं. हम ऐसी टीम से बदला चुकता करना चाहते हैं जिसने हाल में हमारे खिलाफ इतना अच्छा प्रदर्शन किया है. इस आफ स्पिनर ने कहा कि भारत को इंग्लैंड के हाथों मिली हार से वह खुद के टीम से बाहर किए जाने से अधिक आहत थे और यह उनके लिए बुरे सपने की तरह रहेगा. भज्जी ने बताया शीर्ष पर पहुंचने के लिए हमने काफी कड़ी मेहनत की थी और हम तब तक आराम नहीं करेंगे जब तक हम इसे दोबारा हासिल नहीं कर लेते. हम चैन से नहीं बैठेंगे. आलोचकों को अब हरभजन की गेंदबाजी में कमियां दिखने लगी हैं जिसमें अब पैनी धार दिखाई नहीं पड़ती लेकिन यह गेंदबाज इसे नहीं मानता. हरभजन ने सवाल पूछा पहले आपको फैसला करना होगा कि आप सीमित ओवरों के प्रारूप में एक गेंदबाज से क्या उम्मीद करते हो. क्या आप हर बार उससे उसके 10 ओवरों में पांच विकेट लेने की उम्मीद करते हो या आप उम्मीद करते हो कि गेंदबाज विपक्षी टीम पर दबाव बनाए.

उन्होंने कहा कि कम स्कोर वाले मैच में आप उससे विकेट झटकने की उम्मीद करते हो. साथ ही आप चाहते हो कि वह रन गति को भी रोके. इस साल 17 वनडे में इस 31 वर्षीय स्पिनर ने दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज दौरे और विश्व कप के दौरान चार रन प्रति ओवर से अधिक रन नहीं गंवाए हैं. उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज में मैंने 10 ओवर में 24 रन देकर एक विकेट चटकाया इसके अलावा एंटिगा में बल्लेबाजी करते हुए 41 रन बनाए और वनडे सीरीज जीतने में मदद की. मैंने पिछले 13 साल से टीम में बने रहने के लिए कुछ न कुछ तो किया ही होगा. मेरे प्रदर्शन के बारे में मुझसे ज्यादा चिंतित कौन हो सकता है. हरभजन ने कहा मैं वही करूंगा जो मेरी टीम मुझसे चाहेगी. मैं अभी सिर्फ यही कह सकता हूं कि मैं पूरी तरह फिट हूं. भारतीय टीम की तरह आईपीएल की टीम मुंबई इंडियंस भी चोटों की समस्याओं से जूझ रही थी लेकिन उसने रविवार को चैंपियंस लीग टी-20 खिताब जीत लिया. मुंबई इंडियंस ने कार्यवाहक कप्तान हरभजन की अगुवाई में मुश्किल हालात में, जिसमें फाइनल भी शामिल था, जीत दर्ज की.

नियमित कप्तान सचिन तेंदुलकर के ना होने से टीम की कप्तानी करने वाले हरभजन ने कहा कि यह कहना सही होगा कि हम छुपे रुस्तम थे. हमारी टीम में अहम खिलाड़ी नहीं थे और इतनी संतुलित टीम नहीं थी लेकिन हमने उम्मीद नहीं छोड़ी कि हम ऐसा कर सकते हैं. हरभजन ने कहा टी-20 टीम की कप्तानी करना आसान नहीं था. हर गेंद पर आपको अपने फैसले पर संशय हो सकता है. मैंने हर बार शुरू में आक्रमण करने का फैसला किया.

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