मैक्सिको सिटी, 21 दिसंबर. यह ऐसी खबर है जिस पर विश्वास न करें, लेकिन यह जरूर जानें कि दुनिया में ऐसे भी सोचा जा रहा है. जी हां, कुछ लोगों का विश्वास है कि दुनिया में प्रलय आने के दिन की उलटी गिनती शुरू हो गई है और माया सभ्यता की भविष्यवाणी के मुताबिक ठीक 52 सप्ताह बाद 21 दिसंबर, 2012 को दुनिया प्रलय के आगोश में होगी.

कयामत के दिन को देखते हुए माया सभ्यता के प्रमुख केंद्र दक्षिण पूर्वी मैक्सिको में लोगों ने खुद को बचाने के उपाय ढूंढने के बजाय साल भर जश्न मनाने की योजना बनाई है. मैक्सिको के पर्यटन उद्योग को अपेक्षा है कि अगले साल करीब पांच करोड़ 20 लाख पर्यटक चिअपास, यूकतन, क्विंताना राओ, तबास्को और कमपेचे जैसे प्राचीन इलाकों में आएंगे. वैसे आमतौर पर साल भर में मैक्सिको में दो करोड़ 20 लाख विदेशी पर्यटक आते हैं. कई पुरातत्ववेत्ताओं का मानना है कि 1300 साल पुराने एक पत्थर पर 2012 लिखा होना माया कैलेंडर के एक चक्र के अंत का संकेत करता है. इस कैरेबियाई देश के क्विनताना राओ प्रांत की पर्यटन प्रवक्ता एअनेट जाल्दो ने कहा, विश्व खत्म नहीं होने जा रहा है. यह एक दौर है. हमारे लिए यह आशा का संदेश है. माया क्षेत्र के शहरों और कस्बो में बुधवार से जश्न का दौर शुरू हो चुका है. चिअपास के मुख्य पार्क में आठ फीट की डिजिटल घड़ी इस आशंकित घटना से ठीक एक साल पहले रहस्यमयी वर्ष की उल्टी गिनती शुरू कर चुकी है. अमेरिका की प्रचीन माया सभ्यता ग्वाटेमाला, मैक्सिको, होंडुरास तथा यूकाटन प्रायद्वीप में स्थापित थी.

इसका काल 2000 ईसा पूर्व से 250 ईस्वी तक माना जाता है. यह कृषि पर आधारित सभ्यता अत्यधिक उन्नत थी. इसकी अपनी विकसित भाषा और लिपि थी. कला और गणित के मामले में इसकी अपनी स्थापनाएं थीं. इस सभ्यता के कैलेंडर में 2012 ईस्वी के आगे की तारीख दर्ज नहीं है. अत: माना जाता है कि माया सभ्यता के अनुसार 2012 के अंत में दुनिया समाप्त हो जाएगी.

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