कई दिनों बाद एक सफल फिल्म देने वाले अक्षय कहते हैं कि ‘आंकड़े मुझे उतनी खुशी नहीं देते हैं जितनी मुझे अपनी परफॉर्मेस और समीक्षकों व फैंस की सराहना से होती है. रेंटिंग्स की मैं परवाह नहीं करता. मैं बस यही चाहता हूं कि ऑडिएंस थिएटर से घर तक खुशी-खुशी जाए.’

सीक्वेल फिल्मों के बारे में वे कहते हैं ‘अकसर मैंने देखा है कि सीक्वेल मूल फिल्म जितने हिट नहीं हो पाते. हाउसफुल का मामला अलग है. इसका सीक्वेल पहले भाग से भी ज्यादा मजेदार है. सीक्वेल बनाना रिस्की काम है लेकिन ‘हाउसफुल 2 की सफलता को देखते हुए हम इसका तीसरा भाग भी बनाने की सोच रहे हैं.

आजकल इंडस्ट्री में 100 करोड़ पार करना भी एक ट्रेंड-सा बन गया है. क्या इससे समीकरणों में बदलाव आया है के सवाल पर अक्षय कहते हैं ‘बिलकुल आया है और जबर्दस्त आया है. यदि आप अगले दो सालों तक काम पाना चाहते हैं तो आपकी फिल्म को 100 करोड़ की यह खाई तो पाटनी ही होगी. यदि आप परफॉर्मेस पर ही ध्यान दे रहे हैं तब बात कुछ और है. तब क्वांटिटी नहीं, क्वालिटी महत्व रखती है. यदि आपको स्टार बनना है तो अपना वक्त ही नहीं अपनी आत्मा भी बेचनी पड़ेगी. और यदि आपको पैसों से नहीं, ब्लॉकबस्टर देने से मतलब है तो भले ही फिल्ममेकर्स अपको उतना पसंद न करें लेकिन ऑडिएंस जरूर करेगी. यह तो अपनी-अपनी चॉइस है.’ इस फुलऑन कॉमेडी फिल्म के बाद अक्षय एक्शन का रुख करने वाले हैं. पिछले कुछ समय से वे एक्शन फिल्मों से दूर हो गए थे.

कारण पूछने पर वे कहते हैं ‘जब मेरे बेटे आरव का जन्म हुआ जब ट्विंकल ने मुझसे वादा लिया था कि मैं कोई भी रिस्की स्टंट या फिल्म करने से पहले बेटे के बारे में सोचूंगा. पिछले दिनों यही सोचकर मैंने कई ऑफर्स ठुकरा दिए. अब मेरा बेटा बड़ा हो गया है और वह भी मार्शियल आर्ट्स और पार्कर के लिए उतना ही क्रेजी है जितना मैं. अब उसे मेरे स्टंट्स करने से दिक्कत नहीं है. जब वो छोटा था तब मेरी चोटें और स्टंट्स देखकर डर जाता था.

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