पन्ना, 12 अक्टूबर. पड़ोसी राज्य उ.प्र. के बांदा जिले से चलकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी का काफिला आज अचानक पन्ना जिले से होते हुए निकला. अजयगढ़ की घाटी चढऩे से पहले छोटे से गांव विश्रामगंज में यहां के आदिवासियों ने राहुल गांधी की गाड़ी रोककर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया तथा रूंज बांध परियोजना के खिलाफ उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा है. उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी का काफिला शाम 4 बजे जैसे ही विश्रामगंज से गुजरा, यहां के आदिवासियों ने बीच सड़क में खड़े होकर उन्हें रोक लिया. राहुल ने गांव के आदिवासियों से रूबरू चर्चा कर उनकी समस्यायें सुनीं और उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि आपकी लड़ाई हमारी लड़ाई है, हम आप लोगों के साथ गलत नहीं होने देंगे. जिस समय राहुल गांधी आदिवासियों से चर्चा कर रहे थे, उस समय उनके साथ गाड़ी में उ.प्र. कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रीता बहुगुणा तथा केन्द्रीय राज्यमंत्री ग्रामीण विकास विभाग प्रदीप जैन भी मौजूद थे.

विश्रामगंज में निवास कर रहे आदिवासियों ने राहुल गांधी को बताया कि रूंज बांध परियोजना के नाम पर उन्हें जबरन विस्थापित किया जा रहा है. डूूब क्षेत्र में आने वाले जंगल की फर्जी रिपोर्ट बनाई गई है ताकि उन्हें यहां से हटाया जा सके. ग्राम पंचायत विश्रामगंज के सरपंच योगेन्द्र प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामसभा के प्रस्ताव की कापी भी राहुल गांधी को दी गई है, जिसमें रूंज बांध निर्माण के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया था. सरपंच ने बताया कि बांध के डूब क्षेत्र में घना जंगल है जहां बेशकीमती सागौन वृक्षों सहित दर्जनों प्रजातियों के पेड़ पौधे हैं. यहां के परम्परागत आदिवासियों का गुजारा इसी जंगल से होता है. सरपंच ने बताया कि लगभग डेढ़ सौ आदिवासियों ने राहुल गांधी को रोककर उन्हें ज्ञापन सौंपा है.

राहुल गांधी ने अनंदीलाल, महाप्रसाद कोंदर तथा बाबूलाल कोंदर से हांथ मिलाते हुए यह भरोसा दिलाया कि उनके साथ अन्याय नहीं होगा.  राहुल के इस आश्वासन पर आदिवासियों ने जिन्दाबाद के नारे लगाये और राहुल का काफिला पन्ना की तरफ निकल पड़ा. पन्ना शहर में प्रवेश करने के बजाय राहुल गांधी बाई पास मार्ग से होकर शाम 4.15 बजे खजुराहो के लिए निकल गये.

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