नई दिल्ली, 29 अप्रैल. योग गुरु बाबा रामदेव ने सचिन तेंदुलकर के राज्य सभा में मनोनयन पर केंद्र सरकार की आलोचना की है. बाबा ने कहा कि यदि सरकार सच में सचिन को सम्मान देना चाहती है तो उसे भारत रत्न से सम्मानित करे. वास्तव में सरकार सचिन के बहाने राजनीति कर अपनी साख बढ़ाने की कोशिश कर रही है. वह महंगाई, भ्रष्टाचार और काले धन जैसे असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है.

नई दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में रामेदव ने साफ किया कि उनके और अन्ना हजारे के आंदोलन का विलय नहीं होगा. वे दोनों आम लोगों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं. चुनाव लडऩे पर टीम अन्ना में मतभेद की खबरों पर उन्होंने कहा कि यदि टीम अन्ना का कोई सदस्य चुनाव लडऩा चाहता है तो उनका स्वागत है. सच तो यह है कि अन्ना और रामदेव को एक साथ आना सरकार को रास नहीं आ रहा है और वह इसे कमजोर करने की कोशिश में है.

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