• क्रिकेट की बोली

  • कीमती सामग्री

लंदन, 22 मार्च. अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के शतकों के महाशतक बनाने की दुर्लभ उपलब्धि हासिल करने के साथ ही खेल से जुड़े उनके सामान की बिक्री भी शुरू हो गयी है जिससे 42 लाख पौंड से अधिक की कमाई होने की उम्मीद है.

कोवेंट्री की कंपनी ऑटोग्राफ्स ऑफ वल्र्ड ने एक वर्ष पहले ही सचिन से सामान ले लिया था जब उन्होंने विश्वकप के दौरान नागपुर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में अपना 99वां अंतर्राष्ट्रीय शतक बनाया था. कंपनी को फिर सचिन के 100वें अंतर्राष्ट्रीय शतक का इंतजार था.
सचिन ने गत 16 मार्च को एशिया कप में बांग्लादेश के खिलाफ मैच में अपना 100वां अंतर्राष्ट्रीय शतक पूरा किया और इसके साथ ही ऑटोग्राफ्स ऑफ वल्र्ड ने अनुभवी बल्लेबाज के क्रिकेट साजोसामान की बिक्री शुरू कर दी. इनमें सचिन के हस्ताक्षर वाली शर्ट, बल्ले और प्रिंट शामिल हैं.

क्रिकेट की दुनिया में भगवान का दर्जा पा चुके सचिन के नाम बल्लेबाजी का लगभग हर रिकॉर्ड दर्ज है जिनमें टेस्ट और एकदिवसीय में सर्वाधिक रन और सर्वाधिक शतकों के रिकॉर्ड भी शामिल हैं. दो दशक से भी अधिक समय से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे सचिन ने अपना पहला टेस्ट शतक 1990 में इंग्लैंड के खिलाफ जड़ा था. ऑटोग्राफ्स ऑफ वल्र्ड के हेमिल्टन ब्लैंड कहते हैं सचिन के प्रशंसक भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हैं. सचिन की उपलब्धियां असाधारण हैं और किसी अन्य खिलाड़ी के उनके आसपास फटकने की भी संभावना नहीं है. उन्होंने कहा सचिन के सामान की बिक्री से 42 लाख पौंड से अधिक राशि हासिल होने की उम्मीद है.

बांग्लादेश से विदाई के साथ ही भारत का विश्व कप जीत के बाद एक वर्ष समाप्त हो गया. इस एक वर्ष के दौरान यदि कुछ याद करने लायक है तो वह दिल्ली के युवा बल्लेबाज विराट कोहली की एकदिवसीय में बल्लेबाजी. ऑस्ट्रेलिया में शतक के बाद विराट ने एशिया कप में भी दो बेहतरीन शतक बनाये. खासतौर पर पाकिस्तान के खिलाफ उनकी 183 रन की रिकॉर्ड पारी की सर्वत्र सराहना हुई. एशिया कप में सचिन का अपना महाशतक पूरा करना इस एक वर्ष की एकमात्र अन्य उपलब्धि कही जा सकती है. हालांकि इसके लिए सचिन को एक साल चार दिन तक इंतजार करना पड़ा. इस एक वर्ष के दौरान कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी का करिश्माई नेतृत्व कहीं खो गया और विदेशी जमीन पर भारतीय टीम की पोल खुल गयी. चार अप्रैल से इंडियन प्रीमियर लीग का पांचवां संस्करण शुरू होने जा रहा है जिसकी धूम में पिछले एक वर्ष की कड़वी यादें कहीं दब जाएंगी, लेकिन भारतीय खिलाडिय़ों को यह याद रखना होगा कि विश्व चैंपियन बनने के बाद उस ताज को संभालना कितना मुश्किल होता है.

सहारा सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी 25 से भोपाल में

भोपाल, 22 मार्च. 25 से 29 मार्च तक 19वीं राष्ट्रीय सहारा सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन मप्र खेल और युवा कल्याण विभाग, राष्ट्रीय तीरंदाजी संघ एवं मप्र तीरंदाजी संघ के संयुक्त तत्वाधान में टीटी नगर स्टेडियम में किया जा रहा है. इस प्रतियोगिता में देश भर की 35 टीमें एवं 300 तीरंदाज भाग लेंगे. गुजरात, हरियाणा, अरुणांचल प्रदेश, असम, चण्डीगढ़, सीआरपीएफ दिल्ली, आईटीबीपी, जम्मू काश्मीर, झारखण्ड, हिमांचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, पोण्डिचेरी, एसएससीबी, एसएसबी, त्रिपुरा, उत्तराखण्ड, वेस्ट बंगाल एवं मध्यप्रदेश की टीमें भाग लेने जा रही है.

देश भर के स्टार तीरंदाजों पर सभी की निगाहें रहेगी. जिनमें मुख्य रुप से कालीचरण बैसरा (मध्यप्रदेश)बी, रामानाथ(असम), रोशन थापा(त्रिपुरा), रोहित कुमार(बिहार), कामिनी एवं पल्लवी बोरो(असम), अनिता बासूमातारी(असम), महीबम संजीना देवा( मणिपुर), एवं के प्रवीणा देवी(मणिपुर) है. इसमें 50 मीटर महिला एवं पुरुष, 30 मीटर महिला एवं पुरुष, ओलंपिक राउंड व्यक्तिगत, ओलंपिक राउंड टीम मेडल मैच होंगे. यह जानकारी मध्यप्रदेश तीरंदाजी संघ के सचिव डीके विद्यार्थी एवं अध्यक्ष जीएस शर्मा ने दी.

Related Posts: