पश्चिमी मप्र में नदी-नाले उफने, कई मार्ग अवरुद्ध, निचली बस्तियों में भरा पानी

भोपाल, 6 सितंबर. प्रदेश के पश्चिमी इलाके में मानसून के सक्रिय हो जाने से इंदौर, उज्जैन और होशंगाबाद संभाग के जिलों में झमाझम बारिश होने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है.

मौसम केन्द्र के प्रवक्ता ने बताया कि ओडिशा में बने नये सिस्टम का प्रभाव छत्तीसगढ होते हुए कल पूर्वी मध्यप्रदेश से होता हुआ पश्चिम मध्यप्रदेश की तरफ अग्रसर हो गया जिसके कारण पश्चिम मध्यप्रदेश इलाके में कम दबाव का क्षेत्र बनने से कल रात को बुरहानपुर जिले के नेपानगर, धार, हरसूद, देवास ्खंडवा, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ ्और पचमढी में भारी बारिश हुई. बारिश के कारण इन स्थानो पर जन जीवन अस्त व्यस्त होने के साथ सडक और रेल यातायात प्रभावित होने की खबर है.

लगभग हर नदी के बांधों के गेट खोल दिए गए हैं. इन्दौर, मोरटक्का मार्ग को देर रात से ही बंद कर दिया गया. यहां बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया. इसी तरह भोपाल-होशंगाबाद, होशंगाबाद-पीपरिया, भोपाल-सोहागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर दिया गया, जिसके कारण वाहनों की लंबी-लंबी कतारें  लग गई है.

सडक एवं रेल यातायातप्रभावित

रतलाम.  कल दोपहर में शुरू तेज बारिश का दौर देर रात को भारी बारिश में परिवर्तित हो गया,जो आज सुबह तक जारी रहा.  कई गांव और मोहल्लों का सडक संपर्क टूट गया. रेल पटरियों पर पानी भर जाने से रतलाम-खण्डवा रेलखंड पर ट्रेन यातायात बंद हो गया.

घरों में पानी घुसा

देवास. देर रात हुई झमाझम वर्षा से घरों और दुकानों में पानी घुसने से गहरी नींद में सो रहे लोगों को जागने पर मजबूर होना पडा. लोग अपने घरों और दुकानों पर सामान को पानी से बचाने के प्रयास करते देखे गए.

खरगोन में तेज वर्षा

जिले में बारिश के चलते जिले के सभी नदी नालों में बाढ आ जाने से सडक यातायात्र प्रभावित हो गया है. जिले में पिछले 24 घंटों में सात इंच से अधिक बारिश रिकार्ड की गई है. इसके पूर्व तीन सितंबर को भी आठ इंच से अधिक बारिश हुई थी.

बिजली-टेलिफोन व्यवस्था गड़बड़ाई

झाबुआ. जिले भर में पिछले 12 घंटों से तेज बारिश का दौर चलने से नदी-नालों के उफान पर होने से कई ग्रामीण इलाकों का सडक संपर्क टूट गया और बिजली-टेलिफोन व्यवस्था गड़बड़ा गई. देर रात तीन बजे तेज बारिश शुरू होते ही बिजली आपूर्ति बंद हो गई. जो 12 घंटे बाद बहाल हुई. कई टेलिफोन भी बंद हो गये हैं.

और होगी बारिश

पश्चिम मप्र में अभी भी कम दबाव का क्षेत्र बने रहने से आगामी 24 घंटे में इंदौर,उज्जैन,भोपाल और होशंगाबाद संभाग के एक दो स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है. पिछले 24 घंटे में नेपानगर, धार ्खकनार में 27, देवास में 23, खंडवा में 22, इंदौर में 13,पचमढ़ी में 12, बैतूल में 10, रतलाम एवं उज्जैन में 9,होशंगाबाद में 5,भोपाल और सीधी में एक सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई.

फसलों को पहुंचा नुकसान

अत्याधिक वर्षा होने के कारण 36 हजार 690 हेक्टेयर क्षेत्र में फेली फसलों को नुकसान हुआ है। मध्यप्रदेश में अत्यधिक वर्षा के चलते सात जिलों में 36 हजार 690 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा है  अब तक 13 जिलों में सामान्य और चार जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है.  वर्षा से सीहोर जिले में 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में, देवास में 8.915, होशंगाबाद में 11 हजार 624, बैतूल में 11 हजार 201, छिंदवाडा में 671, खंडवा में 629 और विदिशा में 2.695 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा है.

नदी नाले उफने

इस झमाझम बारिश से नर्मदा, ताप्ती, वेदा, क्षिप्रा, कालीसिंध, बागदी, लोधरी सहित अन्य नदियों और नाले उफान पर है. जिसके चलते जिला मुख्यालय का सोनकच्छ तहसील को छोड़कर अन्य तहसीलों से सडक संपर्क टूट गया. आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य मार्गो पर तीन से चार फीट भर जाने से सडक यातायात बुरी तरह से प्रभावित हो गया. जिले में अब तक 1121 मिली मीटर वर्षा हो चुकी है.

भीमगढ बांध के चार गेट खुले

सिवनी. जिले में स्थित एशिया के सबसे बडे मिट्टी के बांध भीमगढ के चार गेट खोल दिए गए. इस बांध में 518.90 मीटर पानी का भराव किया जाता है लेकिन कल शाम को बांध में 520 मीटर पानी हो जाने से बांध के गेट खोले गए. जिले के केवलारी थाना क्षेत्र के तिरोला गांव निवासी इंदरलाल गौंड के 11 वर्षीय पुत्र मनीष गौंड की कल तालाब में नहाने के दौरान गहराई में चले जाने के कारण मृत्यु हो गई.

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