इस्लामाबाद, 28 जून. पाकिस्तान सरकार डैमेज कंट्रोल करती दिखाई दी. उसने कहा कि सरबजीत की रिहाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया. सरकार ने सेना की तरफ से दबाव डाले जाने की अटकलों को भी खारिज कर दिया.

गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा कि सरबजीत की रिहाई के मसले पर सरकार के भीतर चर्चा ही नहीं हुई. उनसे पूछा गया था कि क्या सरकार आर्मी के दबाव के चलते सरबजीत की रिहाई के फैसले से पीछे हटी? मलिक ने कहा, हमने अभी तक उसे (सरबजीत) माफी नहीं दी है. हर मामले में आर्मी को शामिल मत कीजिये. आर्मी की भूमिका बेहद अहम है और यह बरकरार रहेगी. आर्मी ने कभी दखल नहीं दिया. उसे कभी रिहा नहीं किया गया. मलिक ने कहा कि अथॉरिटीज़ सरबजीत के मामले की जांच कर रही हैं. अगर हम संतुष्ट होते हैं तो मामले को जांच के लिए लॉ डिविजन के पास भेजेंगे.

अब सरबजीत का परिवार सदमे में

चंडीगढ़, 28 जून. पाकिस्तान की लखपत जेल में बंद सरबजीत की रिहाई की खबर पर खुशी का माहौल फैसले से पलटने पर हताशा में बदल चुका है. सरबजीत के परिवार के सदस्यों का इस समय रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है.

अपने पिता का इंतजार कर रही 21 साल की पूनमदीप कौर का रोना रुक नहीं रहा है. सरबजीत की पत्नी सुखप्रीत कौर भी हताश हो गई है और निराशा में पूरा परिवार घर में ताला लगाकर जालंधर के लिए रवाना हो गया है. जालंधर में सरबजीत की एक बेटी रहती है और उनकी बहन दलबीर कौर भी जालंधर में ही हैं. सरबजीत की बेटी पूनमदीप कौर बार-बार यह सवाल पूछ रही है कि आखिर गलती कहां हुई? हर बार उसके पिता की रिहाई को लेकर गलतफहमियां आखिर क्यों हो जाती है? उसने कहा कि पाकिस्तान यह सब जानबूझकर कर रहा है और उसे पूरा भरोसा है कि एक दिन वह पिता को अपने सामने देखेगी. सरबजीत की पत्नी सुखजीत कौर ने केंद्र और पंजाब सरकार से गुहार लगाई है कि उनके पति की रिहाई के लिए पाक सरकार के सामने मसला उठाए.

सरबजीत के परिवार के साथ साथ सरबजीत की रिहाई पर रात से जश्न मना रहा तरनतारन का भिखीविंड गांव अब पूरी तरह सदमे में है. बीती रात जैसे ही सरबजीत की रिहाई की सूचना मिली तो गांव में दिवाली मनने लगी थी. लोग सरबजीत की अगवानी की तैयारी में जुट गए थे लेकिन कुछ ही घंटों बाद यह खुशी गम में बदल गई

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