कैनबेरा 14 दिसंबर. वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृंखला के चार दिन बाद भारतीय क्रिकेट टीम गुरुवार से यहां क्रिकेट आस्ट्रेलिया अध्यक्ष एकादश के खिलाफ शुरू हो रहे दो दिवसीय अभ्यास मैच में उतरेगी तो उसका लक्ष्य टेस्ट श्रृंखला से पहले खुद को हालात के अनुरुप ढालना होगा. भारत ने वेस्टइंडीज को टेस्ट श्रृंखला में 2-0 और वनडे में 4-1 से हराया. इसके बाद टीम आस्ट्रेलिया आ गई जहां के हालात भारत से एकदम अलग हैं.

खराब दौर से गुजर रही आस्ट्रेलियाई टीम को उसकी धरती पर हराने का भारत के पास सुनहरा मौका है. कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने जल्दी से जल्दी हालात के अनुरूप ढलने पर जोर दिया है. पहला टेस्ट 26 दिसंबर से मेलबर्न में होना है. भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने आखिरी बार आस्ट्रेलिया दौरे पर आए सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण समेत सात खिलाडिय़ों को पांच दिन पहले ही तैयारी के लिए भेज दिया था. धोनी और कोच डंकन फ्लेचर समेत बाकी खिलाड़ी कल रात यहां पहुंचे और सीधे कैनबेरा रवाना हो गए. यह देखना है कि भारत पहले अभ्यास मैच में पूरी मजबूत टीम उतारता है या नहीं. वर्ष 2008 के दौरे के चार साल बाद हो रही श्रृंखला से पहले ही धोनी ने टीम प्रबंधन से कहा था कि उन्हें पहले टेस्ट से पूर्व 12 दिन चाहिए लिहाजा वह 17 सदस्यीय टीम के सभी खिलाडिय़ों का इस्तेमाल करना चाहेंगे.

तेज गेंदबाज जहीर खान को लेकर धोनी कोई जोखिम लेना नहीं चाहेंगे क्योंकि गेंदबाजी में भारत बहुत हद तक उन पर निर्भर करेगा. आस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले चेन्नई में कोच फ्लेचर ने कहा था कि जहीर को पहले मैच में आराम देकर सोमवार से शुरू हो रहे दूसरे मैच में उतारा जा सकता है. फ्लेचर ने कहा कि जहीर के पास तैयारी के लिए यह दो मैच है. हम उसे लेकर कोई हड़बड़ी नहीं मचाना चाहते। पहले टेस्ट से पूर्व तीन दिवसीय मैच उसके लिए अहम होगा. धोनी ने भी कहा कि टेस्ट ऋंखला में चोटमुक्त रहना अहम है. खासकर तब जबकि चोट के कारण तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार और वरूण आरोन पहले ही टीम से बाहर हो चुके हैं. उन्होंने कहा था कि पहले टेस्ट से पूर्व तैयारी के लिए काफी समय है. उम्मीद है कि टेस्ट श्रंखला से पहले हम चोटों से नहीं जूझ रहे होंगे.  वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट और वनडे श्रृंखला में अधिकांश बल्लेबाजों ने रन बनाए. वीरेंद्र सहवाग और विराट कोहली ने वनडे श्रृंखला में जबर्दस्त प्रदर्शन किया. अंतरराष्ट्रीय शतकों के शतक से एक शतक दूर तेंदुलकर वेस्टइंडीज के खिलाफ अपेक्षा के अनुरूप नहीं खेल सके लिहाजा वह टेस्ट ऋंखला से पहले फार्म में लौटने की कोशिश में होंगे. यही बात लक्ष्मण के लिए भी कही जा सकती है. वहीं वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करने वाले द्रविड़ लय को कायम रखना चाहेंगे.

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