होम्योपैथिक मेडिकल संगठन में आपसी खींचतान

भोपाल, 13 अप्रैल, नभासं. होम्योपैथिक मेडिकल एसोसियेशन ऑफ इंडिया में मची आपसी खींचतान के चलते होम्योपैथिक विकास की गति धीमी हो सकती है.

सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक उक्त मेडिकल संगठन दो खेमों में बंटता दिखाई दे रहा है. बताया जाता है कि उक्त होम्योपैथिक संगठन में अधिकांश पदाधिकारी या तो बुजुर्ग हो चुके हैं या फिर उनके कार्य करने का तरीका युवा चिकित्सकों को रास नहीं आ रहा है. वहीं होम्योपैथिक मेडिकल स्टूडेंट एसोसियेशन ऑफ इंडिया का यह भी आरोप है कि उक्त मेडिकल संगठन द्वारा युवाओं को प्रोत्साहन नहीं दिया जा रहा है,

जिसके चलते होम्योपैथिक विकास को सही दिशा नहीं मिल पा रही है. 22 अप्रैल को प्रदेश के जबलपुर जिले में हमसाई द्वारा एक राष्टरीय होम्योपैथिक सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें होम्योपैथिक विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की जायेगी, वही इस बात का भी संशय बना हुआ है कि उक्त सेमीनार को सफल बनाने में होम्योपैथिक मेडिकल एसोसियेशन ऑफ इंडिया हमसाई का साथ देता है या नहीं हमसाई के राष्टï्रीय प्रवक्ता डॉ. दीपक सिंह ने बताया है कि अब समय आ गया है कि होम्योपैथिक मेडिकल एसोसियेशन ऑफ इंडिया संगठन का कार्यभार युवा चिकित्सकों को सौंप दे इससे होम्योपैथिक विकास को गति तो मिलेगी ही साथ ही साथ होम्योपैथिक छात्रों की तमाम परेशानियां भी खत्म हो जायेगी, गौरतलब है कि इस प्राचीन विद्या को लेकर सरकार गंभीर नहीं है.

बेरोजगार होम्योपैथिक चिकित्सकों का प्रतिशत दिनों दिन बढ़ता जा रहा है. सरकार द्वारा इनके नियुक्ति के संदर्भ में कोई साहसिक कदम नहीं उठाया गया है. उक्त मामले को लेकर हमसाई लंबे समय से संघर्षरत हैं. देखा जाये तो उक्त प्रकरण को लेकर होम्योपैथिक मेडिकल एसोसियेशन ऑफ इंडिया ने किसी प्रकार का कोई आंदोलन अभी तक नहीं किया है और यही मुख्य वजह है, जिसके चलते होम्योपैथिक छात्रों एवं युवा चिकित्सकों में बेहद असंतोष है. इसके अलावा यह भी देखा जा रहा कि होम्योपैथिक मेडिकल एसोसियेशन ऑफ इंडिया में मौजूद पदाधिकारियों के बीच खास मतभेद है. नाम न छापने की शर्त पर एक पदाधिकारी ने नवभारत संवाददाता को बताया है कि उक्त संगठन में ऐसे कई पदाधिकारी मौजूद हैं, जो लंबे समय से उच्च पदों पर आसीन है, जिसके कारण छोटे पदाधिकारियों को कुछ सकारात्मक कार्य करने का मौका नहीं मिल पाता है. पदों को लेकर संगठन में कई बार गहमा गहमी भी हो चुकी है.

इनका कहना-
होम्योपैथिक विकास को लेकर प्रदेश सरकार अभी भी गंभीर नहीं है और ऐसे में अगर होम्योपैथिक मेडिकल संगठन में मतभेद की बात आ रही है. तो यह बेहद चौंकाने वाली बात है.
डॉ. दीपक सिंह
(राष्टरीय प्रवक्ता)
होम्योपैथिक मेडिकल स्टूडेंट एसोसियेशन ऑफ इंडिया

होम्योपैथिक छात्रों का विश्वास किसी भी संगठन के प्रति तभी हो सकता है, जब संगठन द्वारा छात्रों के कल्याण हेतु आवाज प्रखर किया जायेगा.
सुनील सिंह (प्रदेश अध्यक्ष) हमसाई

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